tr

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प के चुनाव प्रचार के दौरान दिए गये बयान अब मुसीबत बन गये हैं. देश के अल्पसंख्यक समुदाय ने ट्रम्प के खिलाफ मौर्चा खोलते हुए उन्हें राष्ट्रपति मानने से इनकार कर दिया.

विरोध प्रदर्शनों का जो सिलसिला शुरू हुआ हैं वह ख़त्म होने के बजाय अब बढता ही जा रहा हैं जबकि इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी हैं. पोर्टलैंड में एक प्रदर्शनकारी को गोली मारे जाने के बाद कई शहरों में ट्रंप के खिलाफ लोगों का गुस्सा और भड़क गया.

और पढ़े -   लंदन मस्जिद हमलें पर ईसाई महिला ने इमाम से मांगी माफ़ी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

न्यू यॉर्क के 62 साल के एक रिटायर्ड बैंकर मेरी फ्लोरिन ने हाथ में ‘अमेरिका में फ़ासीवाद नहीं’ के मेसेज वाली एक तख्ती पकड़ी हुई थी. मेरी ने कहा, हम डरे हुए हैं, देश ने आश्चर्यजनक रूप से एक अयोग्य, नस्लवादी, जातिवादी और महिलाओं से नफरत करने वाले व्यक्ति को राष्ट्रपति चुन लिया है.

anti-trump-1-new_14790053

वहीँ शिकागो और लॉस एंजिलिस में भी कई सैकड़ों-हजारों लोगों ने प्रदर्शन रैलियों में भाग लिया और ‘डंप ट्रंप’ और ‘अल्पसंख्यक मायने रखते हैं’  न्यूयॉर्क में लोगों ने ट्रम्प टॉवर के सामने प्रदर्शन किया गया. इस दौरान लोगों ने ‘वो हमारे प्रेसिडेंट नहीं हैं’ के नारे लगाए.

और पढ़े -   कतर की मांगों पर सऊदी अरब ने कहा - नहीं होगी कोई बातचीत

करीब एक लाख लोगों ने फेसबुक पर कहा है कि वे 3 शहरों में ट्रम्प के खिलाफ प्रोटेस्ट कैम्पेन चलाएंगे. हालांकि ट्रम्प अपने खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को मीडिया द्वारा बढ़ावा देना बता चुके हैं.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE