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दो महीने के सूखे के बाद इसराइल के तीसरे सबसे बड़े शहर हैफ़ा के जंगलों में लगी भीषण आग के पीछे इजराइल ने आगे अरब या फ़िलिस्तीनीयों के ऊपर शक जाहिर किया हैं. प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि ऐसे किसी आगजनी हमले को ‘आतंकवाद’ माना जाएगा.

इस आरोप पर जवाब देते हुए फ़िलिस्तीनी प्रशासन के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि तेल अबिब शासन फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ नए आरोप लगाने के लिए आग को काम में ला रहा है. उन्होंने कहा, “ जो जल रहा है वह ऐतिहासिक फ़िलिस्तीन की हमारी भूमि और हमारे पेड़ हैं.

चार दिन पहले लगी इस आग से सबसे ज़्यादा हैफ़ा शहर प्रभावित हुआ जहां लगभग 80000 लोगों को शहर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा हैं. आग से पूर्वी अलक़ुद्स के पश्चिम में स्थित जंगलों, केन्द्रीय और उत्तरी पहाड़ियों के ऊपर तथा पश्चिमी तट में इस्राईल के अतिग्रहण वाले क्षेत्रों में आग के शोले उठ रहे थे.

पुलिस के अनुसार, सैकड़ों लोगों से गुरुवार की रात पूर्वी अलक़ुद्स के बेत मेर गांव को ख़ाली कराना पड़ा. पुलिस ने बताया कि दक्षिणी क़स्बे किरयात गाट में आग भड़क उठी है. तेल अबिब ने भड़कती आग से निपटने के लिए विदेशी मदद की गुहार लगायी है.

शुक्रवार की सुबह इजराइल की और से कहा गया कि हैफ़ा में आग पर क़ाबू पा लिया गया है, लेकिन साथ ही सचेत किया कि हवा के बदलते व कड़े रुख़ के मद्देनज़र कुछ भी हो सकता है.


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