नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित विदेश सचिव स्तरीय वार्ता इस महीने भी संभवत: नहीं होगी। हालांकि दोनों मुल्कों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अब भी एक दूसरे के संपर्क में हैं और बातचीत की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। पहले कहा जा रहा था कि विदेश सचिवों की यह वार्ता फरवरी अंत तक होगी।

जल्दबाजी में नहीं: भारत उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार इस वार्ता की नई तारीखों को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। भारत चाहता है कि पाकिस्तान पहले जैश-ए-मोहम्द के सरगना और पठानकोट एयरबेस पर हमले के गुनहगार मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करे। भारत उसके खिलाफ सबूत सौंप चुका है, पर पाकिस्तान उन सबूतों को नकार रहा है।

और पढ़े -   रोहिंग्या मुस्लिमों की मदद के लिए आगे आया सऊदी, शाह सलमान ने दी 15 मिलियन डॉलर की मदद

गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाली यह वार्ता उसी समय संकट में घिर गई थी, जब हाल ही में भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से मिले थे। भले ही यह एक शिष्टाचार भेंट थी, लेकिन दोनों नेताओं के बीच कश्मीर को लेकर भी बात हुई थी। इससे पहले भी इसी मुद्दे को लेकर वार्ता टल चुकी है।

और पढ़े -   40 फीसदी रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार छोड़ कर गए बांग्लादेश पलायन: संयुक्त राष्ट्र

विदेश सचिवों की यह वार्ता 15 जनवरी को इस्लामाबाद में होनी थी, लेकिन इससे ऎन पहले 1-2 जनवरी की दरमियानी रात पठानकोट एयरबेस पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इसके बाद भारत ने वार्ता रद्द कर दी। अब तक की जांच के मुताबिक हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है। हालांकि पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ ने कहा है कि वह अपनी सरजमीं को भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देंगे। (राजस्थान पत्रिका)

और पढ़े -   नेतन्याहू के साथ अल-सिसी की बैठक, मिस्री राष्ट्रपति बोले - फिलिस्तीनी इजरायलियों के साथ मिलकर रहे

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE