यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि मंडल ने गाजा पट्टी का दौरा कर इजराइल की और से होने वाली फिलिस्तीनियों की व्यापक गिरफ़्तारियों पर चिंता व्यक्त की हैं.

यूरोपीय संघ ने इजराइल से कहा कि वह फ़िलिस्तीनी बंदियों के बारे में अंतर्राष्ट्रीय नियमों और मानवाधिकारों का पालन करे. साथ ही यूरोपीय संघ ने इस्राईल की जेल में बीस दिनों से भूख हड़ताल कर रहे फ़िलिस्तीनियों की स्थिति पर भी चिंता जाहिर की.

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17 अप्रैल 2017 से फ़िलिस्तीनी बंदी दिवस के अवसर पर इजराइल जेलों में बंद फ़िलिस्तीनी ज़ायोनी शासन की नस्लभेदी नीतियों पर आपत्ति जताते हुए भूख हड़ताल पर हैं.

याद रहे इजराइल शासन अपने विस्तारवादी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सदैव जार्डन नदी के पश्चिमी तट और बैतुल मुक़द्दस के विभिन्न क्षेत्रों पर आए दिन हमले करता रहता है और फ़िलिस्तीनियों को बिना किसी आरोप के गिरफ़्तार करके जेल में डाल देता है.

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ध्यान देने योग्य बात ये हैं कि वर्तमान समय में इस्राईल की जेलों में छह हज़ार पांच सौ फ़िलिस्तीनी बंद हैं जिनमें से 62 महिलाएं और तीन सौ क़ानूनी आयु के कम के बच्चे और युवा हैं.


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