69 साल पहले आज ही के दिन फिलिस्तीन की जनता पर जुल्म कर इस्राईल वजूद में आया था. फिलिस्तीन पर अवैध कब्जे को लेकर हर साल उरी दुनिया में आज नकबा दिवस मनाया जाता हैं.

हर साल की तरह इस साल भी सिविल सोसायटी के कार्यकर्ताओं और मुसलमानों ने फ़िलिस्तीन की धरती का अतिग्रहण करके वजूद में आए इस्राईल के खिलाफ लंदन में इस्राईल के दूतावास के सामने जमकर धरना प्रदर्शन आयोजित किया. इस दौरान पूरा दूतावास फ़िलिस्तीन जिंदाबाद और इस्राईल मुर्दाबाद के नारों से दहल गया.

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ब्रिटेन में मौजूद फ़िलिस्तीनियों के संघ ने संबोधित करते हुए कहा कि इस्राईल के वजूद को 69 साल होने के बाद भी अभी तक ब्रितानी सरकार उन अपराधों की माफ़ी मांगने के लिए तैयार नहीं है जो ज़ायोनी शासन का समर्थन करने के कारण घटित हुए.

मानवाधिकार कार्यकर्ता ने इदलिब ज़ियाद कहा कि विश्व समुदाय का यह कर्तव्य बनता है कि वह फ़िलिस्तीनियों को अधिकार दिलाने के परिप्रेक्ष्य में ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा चला. लंदन में फ़िलिस्तीनी मूल के शिक्षक डॉक्टर मुईन ने कहा कि बड़ी खेद की बात है कि यह कहते हुए शर्म आती है कि ब्रितानी सरकार ज़ायोनी शासन का समर्थन करती है.

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ग़ौरतलब है कि 15 मई 1948 को फ़िलिस्तीन की भूमि का अतिग्रहण कर इस्राईल को वजूद दिया गया. इस दिन को फ़िलिस्तीनी नकबा दिवस अर्थात तबाही दिवस के रूप में मनाते हैं. इस साल इस्राईल के अवैध वजूद की 69वीं वर्षगांठ है.


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