वाशिंगटन: अमेरिका में चले रहे परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद सख्त लहजे में कहा, ‘यह धारणा छोड़ दीजिये कि ‘उनका’ आतंकी मेरा ‘आतंकी’ है।’

परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में बोले पीएम मोदी- 'उनका' आतंकी 'मेरा' आतंकी नहीं वाली धारणा त्याग देंपीएम मोदी ने कहा, ‘आतंकवाद का वैश्विक नेटवर्क है। लेकिन अब भी हम इस खतरे से निपटने के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही प्रयास कर  रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘परमाणु सुरक्षा एक स्थायी राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी राज्यों को पूरी तरह से अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना चाहिए।’

50 देशों के प्रतिनिधियों की शिखर वार्ता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आतंकवाद धीरे-धीरे बढ़ा है, आतंकवादी 21वीं सदी की तकनीक का प्रयोग कर रहे है।

आतंकवाद पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, हमें आतंकवाद की तीन वर्तमान पहलुओं पर फोकस करना चाहिए। पहला, आज का आतंकवाद सर्वोच्च हिंसा का माध्यम प्रयोग कर थिएटर (प्रसिद्धी पाने की) की तरह दिखाने की कोशिश करता है।

दूसरा, हम किसी गुफा में बैठे आदमी को नहीं तलाश रहे हैं, लेकिन अब हम ऐसे आतंकी को ढूंढ रहे हैं जो शहर में कंप्यूटर और स्मार्टफोन के साथ घूम रहा है। तीसरा, कुछ ऐसे देश जो परमाणु शक्ति संपन्न हैं और वे दूसरी तरफ आतंकावाद का साथ भी दे रहे हैं। यह एक बड़ी चुनौती है।

दो दिवसीय परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा व्हाइट हाउस में आयोजित किए गए रात्रिभोज के दौरान मोदी ने कहा, ‘‘परमाणु सुरक्षा एक बाध्यकारी राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए। सभी देशों को अपने अंतरराष्ट्रीय कर्तव्यों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।’’ व्हाइट हाउस में रात्रिभोज के दौरान मोदी ओबामा से ठीक अगली सीट पर बैठे थे। इस भोज में 20 से ज्यादा देशों के प्रमुख शामिल थे। ये नेता चौथे परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए अमेरिका की राजधानी में आए हुए हैं।

परमाणु सुरक्षा पर अमेरिकी राष्ट्रपति की पहल के लिए उनकी सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि ओबामा की विरासत आगे तक बनी रहनी चाहिए। (NDTV)


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