नई दिल्ली: पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने अपने देश के लोगों से अपील की है कि वे ‘वैलेंटाइन्स डे’ ना मनाएं। उन्होंने कहा है कि पश्चिमी परंपरा ‘हमारी संस्कृति’ का हिस्सा नहीं है।

अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ममनून हुसैन ने इस्लामाबाद में आज़ादी के आंदोलन के नेता सरदार अब्दुर रब निश्तार की मृत्यु की बरसी पर छात्रों की एक सभा की। जिसमें संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमें वैलेंटाइन्स डे मनाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसका हमारी संस्कृति से कोई संबंध नहीं है।” इस सभा में ज्यादातर संख्या में लड़कियां थीं।

ममनून हुसैन ने कहा कि पश्चिमी परंपराओं का अंधानुकरण ”हमारे मूल्यों” के पतन की तरफ ले जाएगा। इससे कई समस्याएं खड़ी हो चुकी हैं। जिसमें एक पड़ोसी देश में महिलाओं के खिलाफ हमलों में हुई बढ़ोतरी भी शामिल है।

हुसैन ने शुक्रवार को यह भी कहा, कि पाकिस्तान अपने महान नेताओं की फिलॉसफीस को अपनाकर ही तरक्की कर सकता है। गौरतलब है, उनका यह बयान पेशावर और कोहाट जिले में इसके आयोजन पर एक स्थानीय इलैक्टेड काउंसिल की तरफ से प्रतिबंध लगाए जाने के एक दिन के बाद आया है।

डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के चेयरमैन मौलाना नियाज़ मोहम्मद ने कहा, “लोगों को एक दूसरे को कार्ड्स, चॉकलेट्स और गिफ्ट्स देने के लिए एक स्पेशल दिन देने की कोई जरूरत नहीं है। वैलेंटाइन्स डे हमारी संस्कृति का आम और अनावश्यक हिस्सा बन गया है।”

14 फरवरी के आयोजन को अक्सर इस्लामी विद्वानों की तरफ से इस्लाम का “अपमान” कहा जाता रहा है। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि वे इस प्रतिबंध को कानूनी तौर पर लागू नहीं कर सकते क्योंकि वैलेंटाइन्स डे पर कोई रोक नहीं है। (News24)


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