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स्वीट्रजलैंड में अदालत ने एक कंपनी के खिलाफ फैसला दिया है जिसने स्कार्फ या हिजाब पहनने के कारण अपनी एक मुस्लिम कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया था.

29 वर्षीय सर्बियाई मूल की अबीदा पिछले 6 साल ड्राई क्लीनिंग के बिज़नस में काम रही कंपनी में थी. लेकिन अचानक आबिदा को हिजाब उतार कर ऑफिस में आने का दबाव डाला गया. कंपनी ने अपनी पालिसी का हवाला देकर हिजाब या नौकरी दोनों में से एक को चुनने को कहा. जिसके बाद जनवरी 2015 में कंपनी ने उन्हें निकाल दिया.

जिसके बाद आबिदा ने न्याय पाने के लिए अदालत का रुख किया. आखिरकार अदालत से आबिदा को इन्साफ मिल गया. अदालत में कंपनी के इस तरह का बर्ताव को देश के संविधान के खिलाफ बताते हुए जुर्माना लगाने के साथ आबिदा को नौकरी सहित मुआवजा देना का भी आदेश दिया.

अदालत के इस फैसले पर फेडेरेशन ऑफ इस्लामिक ऑर्गेनेजाइशन ने कहा कि “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर एक औरत स्कार्फ पहनती है या एक यहूदी आदमी kippa पहनता है। काम में, योग्यता को मानदंड रखना चाहिए न कि उसके कपड़े को.


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