लंदन। ब्रिटेन में रह रही 1,90,000 मुस्लिम महिलाएं अंग्रेजी बोलने में सक्षम नहीं हैं। ये ब्रिटेन की स्थानीय मुस्लिम आबादी की 22 फीसदी है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने उन्हें अंग्रेजी सिखाने पर 3 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च करने की घोषणा की।

मुस्लिम महिलाओं को अंग्रेजी सिखाने पर 3 करोड़ डॉलर खर्च करेगा ब्रिटेन

कैमरन ने कहा कि जो मुस्लिम महिलाएं स्थायी रूप से ब्रिटेन में बसना चाहती है, उन्हें ब्रिटिश पासपोर्ट की अर्हता प्राप्त करने के लिए अंग्रेजी में धाराप्रवाह हो जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन में अलग-अलग समुदायों की ‘निष्क्रिय सहिष्णुता’ एक मजबूत समाज के निर्माण में मदद करेगी। कैमरन ने कहा कि लैंगिक अलगाव व भेदभाव और समाज से कुछ महिलाओं के कटे रहने से कट्टरता और उग्रवाद में बढ़ोतरी होगी।

और पढ़े -   शिया वक्फ बोर्ड भंग करने के मामले में हाईकोर्ट ने लगाई योगी सरकार को फटकार

उन्होंने आगे कहा कि हमारा अगला लक्ष्य महिलाओं का सशक्तीकरण करना और उनके अंग्रेजी भाषा के ज्ञान को बढ़ाना है। मैं समझता हूं कि हम ब्रिटेन के समाज को एकजुट रखते हुए एक मजबूत समाज का निर्माण कर सकते है जो कि वह है।

मुस्लिम महिलाओं के लिए प्रस्तावित अंग्रेजी की कक्षाएं उनके घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएंगी। ब्रिटेन के नए वीजा नियमों के मुताबिक जीवनसाथी वीजा पर ब्रिटेन आने वाली महिलाओं को अंग्रेजी में धाराप्रवाह होना ही होगा। जो महिलाएं ढाई साल बाद अपने वीजा की अवधि बढ़वाना चाहेंगी उन्हें अंग्रेजी भाषा के ज्ञान की परीक्षा से गुजरना होगा। साभार: ibnlive

और पढ़े -   लंदन मस्जिद हमलें पर ईसाई महिला ने इमाम से मांगी माफ़ी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE