दुनिया भर में म्यांमार के अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुसलमानों के साथ हो रहे बर्ताव की कड़ी निंदा हो रही है. इसी बीच तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने भी उनकी इस हालत पर दुख जाताया है.

बोधगया स्थित कालचक्र मैदान में दलील लामा ने काल चक्र पूजा की इस दैरान उन्होंने प्रवचन देते हुए कहा कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता है.आतंकी कभी भी धार्मिक नहीं हो सकते.उन्होंने अफ़सोस जताते हुए कहा कि यह बड़े दुःख की बात है कि आज बुद्धिष्ट आतंकवादी भी देखे जा रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि म्यांमार में बौद्ध भी आतंकी बन गए हैं. यह पूरी तरह ग़लत है और यह मानवता और धर्म के खिलाफ है. दलाई लामा ने कहा, सभी मजहब आपस में प्रेम करने का सन्देश देते हैं. उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि आपका बुद्धि मत दूसरों की भलाई में लगानी चाहिए न कि लोगों को नुकसान पहुंचाने और बेवक़ूफ़ बनाने में.

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धर्मगुरु ने आगे कहा कि आपका आचरण ही तय करेगा कि भविष्य में आपके साथ कैसा होगा?. मानव जीवन प्राप्त होने के पीछे भी आपके कर्म होते हैं.

गौरतलब रहें कि म्यांमार में 1000 से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान मारे जा चुके है वहीँ 170000 से ज्यादा बांग्लादेश पलायन कर चुके है.


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