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फ्रांस में मुस्लिम महिलाओं के बीच लोकप्रिय हुई बुरकिनी की बिक्री पाबंदी के बाद 200 प्रतिशत तक बढ़ गई. बुरकिनी का ईजाद करने वाली ऑस्ट्रेलिया की अहेदा जनेट्टी का कहना है कि फ्रांस में प्रतिबंध लगने के बाद बुरकिनी की ऑनलाइन बिक्री 200 प्रतिशत बढ़ गई है. साथ ही 45 प्रतिशत बुरकिनी के खरीदार गैर मुस्लिम है

2004 में लेबनन मूल की एक ऑस्ट्रेलियाई महिला अहिदा जानेटी ने डिजाइन किया जब उसने अपनी भतीजी को हिजाब पहनकर नेटबॉल खेलते देखा. तब अहिदा को ये ख्याल आया कि क्यों न कुछ ऐसा बनाया जाए जो इस्लामी कल्चर के खिलाफ भी न हो और मॉर्डन दुनिया की जरूरतों की पूर्ति भी करता हो.

फिर उन्होंने उन मुस्लिम महिलाओं के लिए भी ड्रेस डिजाइन किए जो सिडनी के समुद्री किनारों का लुत्फ तो लेना चाहती थी लेकिन बिकनी में नहीं! यही से बुरकिनी का कॉन्सेप्ट आया.

ज़ानेट्टी कहती हैं कि मैंने बुरकिनी तैयार करते समय मेरे दिमाग में ये था कि मैं कोई ऐसा वस्त्र बनाऊं ताकि मुस्लिम महिलाएं ऑस्ट्रेलिया में समंदर किनारे की लाइफस्टाइल में रच-बस सकें. खुद को अटपटा ना महसूस करें

अहेदा के अनुसार, “दुनिया का कोई मर्द तय नहीं कर सकता कि हम क्या पहने और क्या ना पहनें.”


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