ब्रिटेन की लेबर पार्टी की नेता रूपा आशा हक़ ने कहा कि ब्रिटेन अतिग्रहित फ़िलिस्तीनी भूमि में इस्राईल को वजूद देने में मदद करने के कारण माफ़ी मांग सकता है।  लंदन के ईलिंग निर्वाचन क्षेत्र से लेबर सांसद हक़ ने पिछले साल फ़िलिस्तीनी एकता अभियान के सदस्यों के साथ बैठक में यह बात कही थी।

द डेली मेल की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, इस सवाल पर कि क्या लंदन को माफ़ी मांगनी चाहिए, रूपा आशा हक़ ने कहा, “1948 में ब्रितानी सरकार के अधीन जो हुआ मेरे विचार में उसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए। आपको यह करना चाहिए। लेबर सरकार संभवतः ऐसा कर सकती है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि माफ़ी मांगने पर संभवतः आलोचना भी होगी।

रूपा आशा हक़ का यह बयान, साथी लेबर सांसद नाज़ शाह का समर्थन हैं जिसके कारण नाज़ शाह को माफ़ी मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा था जिसमें उन्होंने कहा था कि इस्राईल को संयुक्त राज्य अमरीका स्थानांतरित कर देना चाहिए।

दूसरी ओर लेबर पार्टी के मशहूर नेता व लंदन के पूर्व मेयर केन लिविंग्स्टन को भी नाज़ शाह की तरह अंजाम भुगतना पड़ा जब उन्होंने नाज़ शाह का समर्थन करते हुए यह कहा था कि एडॉल्फ़ हिटलर एक ज़ायोनी था। इस्राईल का वजूद बुनियादी ग़लती थी क्योंकि वहां पर फ़िलिस्तीनी समुदाय 2000 साल से रह रहा था। केन लिविंग्स्टन ने अरबी टीवी चैनल अलग़ाद अलअरबी से इंटर्व्यू में यह बात कही।


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