सऊदी अरब सहित यमन, मिस्र, बहरीन और सयुंक्त अरब अमीरात द्वारा कत्तर को आतंकवाद प्रायोजित देश करार देकर रिश्तें तोड़ने के मामलें में विभिन्न देशों की प्रतिक्रिया आ रही है. जिसमे सभी ने इस मामलें को अरब देशों को आंतरिक मामला करार देकर खुद को अलग कर लिया है.

इस बारें में रूस ने कहा है कि यह विवाद अरब देशों का आपसी विवाद है जिससे रूस का कोई लेना देना नहीं है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा कि रूस इस विवाद में तटस्थ है.

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भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मामले में कहा कि नई दिल्ली सरकार क़तर के साथ संबंध समाप्त करने के अरब देशों के निर्णय से प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने कहा कि क़तर से संबंध तोड़ने का अरब देशों का फ़ैसला उनका आंतरिक मामला है.

अफ़ग़ानिस्तान की कार्यकारी परिषद के उप प्रवक्ता जावेद फ़ैसल ने सोमवार को पत्रकार सम्मेलन में कहा कि क़तर से अरब देशों का संबंध तोड़ने का फ़ैसला मुसलमानों और इस्लामी देशों के हित में नहीं है.

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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफ़ीस ज़करिया ने कहा कि इस्लामाबाद ने अभी क़तर से कूटनयिक संबंध तोड़ने के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है और यदि इस संबंध में कोई फ़ैसला होता है तो उसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी.


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