बहरैन के आले खलीफा प्रशासन ने बहरैन के शिया को अवैध रूप से एक साल कारावास की सज़ा सुनाई है।

बात दे कि शेख ईसा क़ासिम पर 3 लाख दीनार की राशि जब्त करने का आरोप लगाते हुए एक हजार दीनार का जुर्माना भुगतान करने की सजा सुनाई गई है।

बहरैन के सरकारी टीवी चैनल के अनुसार बहरैन की राष्ट्रीय विफाक के बयान मे आया है कि आले खलीफा प्रशासन बहरैन मे एक नया व्यापक संकट पैदा कर रही है।

और पढ़े -   मुस्लिम विरोधी सांसद ने ऑस्ट्रेलियाई संसद में बुर्का पहनकर मचाया हंगामा

इस बयान मे यह भी आया है कि बहरैन के तानाशाह अपनी इस कार्रवाई से भविष्य मे सभी संभव राजनीतिक अवसरो, सुरक्षा, स्थिरता और बहरैन के न्याय और लोगो के भारी बहुमत की अनदेखी करते हुए सबको खत्म कर देना चाहते है, विशेश रूप से बहरैन का आले खलीफा प्रशासन इस चरण मे आ गया है कि जाफरी मजहब का पालन करना आज पारित होने वाले आदेशानुसार अपराध है। यह प्रावधान बहरैन की 60 प्रतिशत से अधिक जनता का अपमान करना है।

और पढ़े -   स्पेन की अदालत ने इजरायल प्रधानमंत्री के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी का आदेश

बयान मे कहा गया है कि हम पूरी दुनिया को बता देना चाहते है कि आज हमे एक भयंकर युद्ध का सामना है हमारे लिए किसी भी प्रकार की सुरक्षा, शांति और न्याय नही पाया जाता मनुष्य और नागरिक होने के नाते हमे अपने अधिकारो की रक्षा करने की आवश्यकता है। बहरैन और शेख ईसा क़ासिम के प्रति सभी स्वंय को नैतिकता, मानवता, और कानूनी संरक्षण का जिम्मेदारी समझे।

और पढ़े -   मुस्लिम देशों में एकता वक्त की जरुरत: एर्दोगान

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE