faridpur_pic-02 बांग्लादेश से एक बहुत हैरतभरी खबर सामने आ रही है जहाँ एक नवजात बच्ची जिसे डॉक्टरो ने मरा हुआ घोषित कर दिया था, उसे दफनाते समय अचानक बच्ची ने जोर जोर से रोना शुरू कर दिया। इस समय यह बच्ची ICU में भर्ती है।

वाकया ढाका से लगभग 140 किलोमीटर दूर फरीदपुर नमक जिले की है जहाँ नजीमुल हुदा और उनकी वकील बीवी नाजनीन अख्तर के परिवार में गुरुवार को यहां नवजात बच्ची ने जन्म लिया लेकिन 2 घंटे बाद ही डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिवारजन नवजात बच्ची को दफ़नाने ले गये लेकिन रात अधिक होने के कारण परिवार ने सुबह दफ़नाने पर विचार करके बच्ची को कार्टन में रख दिया।

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शुक्रवार को जब बच्ची को कब्रिस्तान ले जाया गया जहाँ पहले ही कब्र खुदवा रखी थी उसी समय दफनाते समय बच्ची ने चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद तुरंत बच्ची को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे ढाका रेफर कर दिया।

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बच्ची के दादा अब्दुल कलाम ने कहा कि डॉक्टरों ने बच्ची को ढाका रेफर किया था, लेकिन वह अपनी आर्थिक हालत ठीक न होने और गरीबी की वजह से बच्ची को ढाका के अस्पताल में भर्ती नहीं करा सकते। शनिवार को एक अज्ञात व्यक्ति (जो अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहता था) ने बच्ची के इलाज का खर्चा उठाने की इच्छा जताई। उस अनजान व्यक्ति ने बच्ची को इलाज के लिए उसे ढाका स्क्वेयर अस्पताल में भर्ती कराया।

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फरीदपुर सिविल अस्पताल में बाल रोग चिकित्सा विभाग के हेड डॉ. खोनदोकर मोहम्मद अब्दुल्ला ने कहा कि नवजात बच्ची की हालत खराब है। बच्ची का जन्म गर्भावस्था के 24 महीनों में हुआ था। बच्ची का वजन 700 ग्राम था। इस खबर के फैलने के बाद लोग बड़ी संख्या में बच्ची को देखने और उसके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करने के लिए उमड़े।

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