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करीमन अबुलजदायल

दुनिया भर में बड़ते इस्लाम्फोबिया के कारण हिजाब को गुलामी का प्रतीक बतायें जाने की नाकाम कोशिश की जा रही हैं जिसके तहत हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं का विरोध किया जाता हैं उन्हें हिंसा का शिकार बनाया जाता हैं. कुछ देशों ने तो हिजाब को कानून बनाकर प्रतिबंधित कर दिया. लेकिन अब रिओ ओलंपिक के अन्तराष्ट्रीय मंच पर हिजाब विरोधियों को मुंह तोड़ जवाब देकर इतिहास रचा जा रहा हैं.

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हाल ही में रियो ओलंपिक में अमरीका का प्रतिनिधित्व कर रही अमरीका की पहली मुस्लिम महिला खिलाड़ी “इब्तेहाज मोहम्मद” ने हिजाब पहनकर प्रतियोगिता में भाग लेकर इतिहास रचा था. उन्होंने तलवारबाजी प्रतियोगिता में स्कार्फ पहनकर हिस्सा लिया और अपने पहले मुकाबले में जीत भी हासिल की थी. और अब सऊदी अरब की स्प्रिंटर करीमन अबुलजदायल ने एक नया इतिहास रच दिया है.

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इब्तिहाज मोहम्मद

उन्होंने इस रेस में हिजाब पहन कर हिस्सा लिया. 22 साल की करीमन प्रीलिमिनरी हीट में 7वें नंबर पर रहीं और फाइनल के लिए क्‍वालिफाई नहीं कर सकीं,लेकिन उन्होंने पूरी दुनिया में अपने फैन्स का दिल जीत लिया, यह 100 मीटर दौड़ में हिस्‍सा लेने वालीं करीमन सऊदी अरब की प‍हली महिला बन गईं.

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इस रेस के बाद करीमन अबुलजदायल की सोशल साइड में काफी तारीफ हुई। इन्होंने फुल बॉडी किट और हिजाब पहन रखी थी. 2012 ओलिंपिक में हिजाब पहनकर दौड़ में हिस्‍सा लिया था। करीमन ने यह रेस 14.61 सेकंड में पूरी की.


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