al-aqsa

संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक शाखा यूनेस्को द्वारा मुसलमानों के तीसरे सबसे पविर्त्र धार्मिक मस्जिदुल अल अक्सा पर यहूदियों के दावें को खारिज करने के बाद इजराइल ने यूनेस्को को बेकार की संस्था करार देते यूनेस्को से अलग करने की घोषणा कर दी हैं.

अलजीरिया, मिस्र, लेबनान, मोरक्को, ओमान, क़तर और सूडान द्वारा मिलकर पेश किये गए इस प्रसताव में 24 देशों ने वोट किया था. जबकि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, हालैंड, लिथुनिया और एस्तोनिया ने इस प्रस्ताव का विरोध किया. इसके अलावा 26 देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.

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इस प्रस्ताव में कहा गया था कि अल-अक़्सा मस्जिद पर मुसलमानों का अधिकार है और यहूदियों से उसका कोई ऐतिहासिक संबंध नहीं है.

युनेस्को में फ़िलिस्तीन के उप राजदूत मुनीर अनसतास ने इस बारें में अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव इस्राईल को यह याद दिलाता है कि यह उसका अवैध शासन है. फ़िलिस्तीनियों ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है.

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युनेस्को की प्रमुख इरीना बोकोवा ने कहा कि कोई ऐसी जगह नहीं जहां यहूदियों, ईसाइयों और मुसलमानों की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर यरूशलम से ज़्यादा मौजूद हों.


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