अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ गनी ने दावा किया है कि उनका देश चरमपंथी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट (आईएस) को दफ़न कर देगा.’ हाल ही में इस्लामिक स्टेट के स्थानीय धड़ों के साथ अफ़गान सैनिकों और तालिबान लड़ाकों की मुठभेड़ के बाद गनी का यह बयान सामने आया है. दावोस में विश्व आर्थिक मंच में शिरकत करने पहुँचे अफ़ग़ान राष्ट्रपति ने बीबीसी से कहा, “आईएस के लिए अफ़गानिस्तान में समर्थन नहीं है और इसके अत्याचारों के कारण जनता इससे कट चुकी है.” उन्होंने कहा, “अफ़ग़ान बदले से प्रेरित होते हैं और आईएस ग़लत लोगों से उलझ गया है.”

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उन्होंने कहा कि स्पष्ट है कि अफ़ग़ानिस्तान ख़ासे ख़तरों का सामना कर रहा है. ग़नी ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईएस के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आह्वान भी किया. अमरीका के विदेश विभाग ने पिछले हफ्ते कहा था कि उसने अफ़ग़ानिस्तान में आईएस के स्थानीय धड़े को चरमपंथी संगठन की श्रेणी में रखा है.

आईएस का यह धड़ा अफ़ग़ानिस्तान में पिछले वर्ष जनवरी में सक्रिय हुआ था, इसे पाकिस्तानी और अफ़ग़ान तालिबान के पूर्व सदस्यों ने मिलकर बनाया है. अफ़ग़ान राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि यदि तालिबान के साथ शांति वार्ता अप्रैल तक शुरू नहीं होती तो संघर्ष और तेज़ होगा. उन्होंने कहा कि इसका पूरे क्षेत्र पर बुरा असर होगा.

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ग़नी ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह चरमपंथ से लड़ने में उनकी सरकार का साथ दे. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा भेजे जा रहे चरमपंथी दोनों देशों को निशाना बना रहे हैं. साभार: बीबीसी हिंदी


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