भारत की यात्रा पर आए तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब अर्दोगान ने कश्मीर समस्या का हल बहुपक्षीय वार्ता के जरिए संभव बताया हैं.

उन्होंने कहा ‘‘दुनियाभर में बातचीत का रास्ता खुला रखने से बेहतर कोई विकल्प नहीं है. अगर हम वैश्विक शांति की दिशा में योगदान दें तो हमें बहुत ही सकारात्मक परिणाम मिल सकता है.’’ अर्दोगान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही तुर्की के मित्र हैं और वह कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए सभी पक्षों के बीच बातचीत की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करना चाहते हैं.

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तुर्की में कुर्द समस्या के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसकी कश्मीर मुद्दे से तुलना नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा ‘‘हमें कुर्द लोगों से कोई समस्या नहीं है. हमें एक आतंकी संगठन से समस्या है.’’ उन्होंने कहा ‘‘यह (कुर्द समस्या) एक भूभागीय विवाद है. जम्मू कश्मीर में स्थिति अलग है। हम उनकी तुलना करने की गलती न करें.’’

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एनएसजी में भारत के प्रवेश की कोशिशों को रोके जाने के बारे में उन्होंने कहा कि तुर्की हमेशा इस बात के समर्थन में रहा है कि भारत को एनएसजी में शामिल किया जाए, लेकिन साथ ही पाकिस्तान को भी इसका हिस्सा बनाया जाए.


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