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अरब संघ ने संयुक्त राष्ट्र संघ की ‘आतंकवाद से संघर्ष’ की कमेटी की अध्यक्षता के लिए इस्राईल के उम्मीदवार बनने का विरोध करते हुए इसे बहुत बड़ी मुसीबत कहा है। अरब संघ के महासचिव नबील अलअरबी ने पश्चिमी देशों के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में, इस्राईल के ‘आतंकवाद से संघर्ष’ नामक कमेटी की अध्यक्षता के उम्मीदवार बनने पर अपने कड़े विरोध से पश्चिमी देशों के राजदूतों व प्रतिनिधियों और पश्चिमी यूरोप के इस गुट के सदस्यों को सूचित किया।

अलअरबी ने कहा कि, यह तर्कपूर्ण नहीं है कि इस्राईल एक ऐसी क़ानूनी कमेटी का अध्यक्ष बने जो ख़ुद क़ानून के ख़िलाफ़ काम करता है और अब तक वह अनेक ग़ैर क़ानूनी कृत्य कर चुका है जिसमें दीवार का निर्माण, फ़िलिस्तीनियों के हर दिन अधिकारों का हनन, फ़िलिस्तीनी बूढ़ों, महिलाओं, जवानों और बच्चों की गिरफ़्तारी शामिल है।

अरब संघ के महासचिव के अनुसार अगर मानवाधिकार का उल्लंघन करने वालों को संयुक्त राष्ट्र संघ की ‘आतंकवाद से संघर्ष’ कमेटी का अध्यक्ष चुना गया तो यह संयुक्त राष्ट्र संघ के लिए बहुत बडी मुसीबत होगी क्योंकि यह नहीं हो सकता कि अपराधी ही ख़ुद न्यायधीश बन जाए।


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