तुर्की के राष्ट्रपति तैयब अर्दोगान ने दुनिया भर के मुसलमानों से फिलीस्तीनी के संघर्ष को समर्थन देने को कहा हैं. साथ ही कहा कि मुसलमान फिलीस्तीनियों के लिए अपनी आवाज बुलंद करे.

इजराइल की और से मस्जिदुल अक्सा में मुस्लिमों के इबादत करने पर रोक लगाने को लेकर अर्दोगान ने कहा कि क मुस्लिम समुदाय के रूप में हमें अल-अकसा मस्जिद पर बार-बार जाने की जरूरत है, वहां हर दिन यरूशलम का कब्ज़ा हो रहा है, जो अपमान है.

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उन्होंने कहा कि तुर्की इजरायल के कब्जे में फिलीस्तीनी प्रतिरोध का समर्थन करता है और इसको महत्व देता है. एर्दोगान ने यह भी कहा कि वेस्ट बैंक में फिलीस्तीनियों के साथ इज़रायल की नीति जातिवाद, भेदभावपूर्ण और रंगभेद की याद दिलाती है.

तुर्की के राष्ट्रपति ने अमेरिका को चेतावनी दी कि तेल अवीव से यरूशलम तक अपने दूतावास को स्थानांतरित नहीं करें. अन्यथा यह बेहद बुरा होगा और कहा कि इस कदम को त्याग दिया जाना चाहिए.

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अर्दोगान ने भी उस नए कानून को ख़त्म किये जाने की बात कही दो महीने पहले पारित हुआ था, जिसमें मुअज्जिन को अजान देने से रोकने की बात कही गई है। यह धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है. वे नमाज के लिए अजान देने से क्यों डरते हैं?


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