सऊदी अरब को अरबों डॉलर के हथियार बैचे जाने के बाद अमेरिका ने क़तर पर आतंकवादियों की मदद करने का आरोप लगाया. जिसके चलते सऊदी अरब, यूएई, मिस्र, बहरीन और यमन सहित कई देशों ने क़तर के साथ अपने रिश्तें खत्म कर लिए थे. लेकिन अब अमेरिका ने क़तर को 12 अरब डॉलर के एफ-15 लड़ाकू विमान बैचे जाने पर सहमत्ति दे दी है.

और पढ़े -   सांप्रदायिकता वैमनस्य पालने के बजाय अच्छी शिक्षा देने पर ध्यान दे भारत: नोबेल विजेता रामाकृष्णन

इस सौदे को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नौअर्ट ने कहा कि मैं इस संकट को सुलझाने के लिए मिजाज और रुख को आशावान करार दूंगी. यह दर्शाता है कि सबसे बुरी स्थिति को हम पीछे छोड़ आए हैं.

हीदर ने इस बात पर टिप्पणी करने से मना कर दिया कि वॉशिंगटन कतर को आतंकवाद का प्रायोजक मानता है या नहीं. उन्होंने इस पर भी कुछ नहीं कहा कि सीमा बंद करना और सऊदी वायुक्षेत्र में कतर के विमानों के आने पर रोक लगाना अवरोध है या नहीं.

और पढ़े -   ट्रम्प के "फिलिस्तीन नीति" से फिलिस्तीनियो में रोष, जताया विरोध

ऐसे में माना जा रहा है कि क़तर पर आतंक के आरोप इसी हथियार सौदे को लेकर लगाए गए थे. दरअसल क़तर इस सौदे से इनकार कर रहा था.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE