उत्तरी कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के बाद अमेरिका को फिर से धमकी दी है. छठे परमाणु परीक्षण के लिए प्योंगयांग के खिलाफ नए प्रतिबंधों को मंजूरी दी गई है.

संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने सर्वसहमति से उत्तरी कोरिया के ख़िलाफ़ नए और कड़े प्रतिबंध लगाने को मंज़ूरी दी है. जिसमे उत्तरी कोरिया के तेल आयात को सीमित किया गया है और टैक्सटाइल उत्पादों के निर्यात पर रोक लगा दी गई है. यह नए प्रतिबंध उत्तरी कोरिया के छठें और अब तक के सबसे बड़े परमाणु परीक्षण के बाद लगाए गए हैं.

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी में कोरियाई विदेश मंत्री के द्वारा जारी किये गए बयान में कहा गया है कि, अगर अमेरिका इस दिशा में कोई कदम उठाता है तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि प्योंगयांग, अमेरिका से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और अमेरिका को इसका काफी नुक्सान उठाना पड़ेगा जैसा इतिहास में भी नहीं देखा गया होगा.

वहीँ संयुक्त राष्ट्र संघ में उत्तरी कोरिया के राजदूत हान ताए सोंग ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र संघ की कान्फ़्रेन्स में कहा कि पीपल्ज़ रिपब्लिक आफ़ कोरिया के भविष्य के क़दमों से अमरीका को इतनी तकलीफ़ पहुंचेगी जितनी उसने इतिहास में कभी नहीं सही होगी.

राजदूत ने कहा कि दलीलों से विशलेषण करके सही निर्णय करने के बजाए वाशिंग्टन सरकार ने आख़िरकार राजनैतिक, आर्थिक और सामरिक चढ़ाई का रास्ता चुना है जिसका सपना यह है कि उत्तरी कोरिया अपना परमाणु कार्यक्रम समेट दे.


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