तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगान ने अमरीका सो फ़तहउल्लाह गुलेन के प्रत्यर्पण की मांग की हैं. तुर्की के राष्ट्रपति ने आरोप लगाते हुए कहा कि सेना के कुछ लोगों के साथ मिल कर फ़तहउल्लाह गुलेन ने ही तखतापलट की साज़िश की थी.

इस मामलें में अमेरिका ने तुर्की से कहा है कि अगर उसके पास गुलेन के ख़िलाफ़ कोई भी सबूत हो तो वो उसके साथ साझा करे. अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि अंकारा को अमरीका में रह रहे अर्दोग़ान के पूर्व साथी गूलेन की ग़लती को साबित करना होगा.

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केरी ने लक्ज़मबर्ग के दौरे में प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, “हमें पूरी तरह अंदाज़ा था कि गूलेन के बारे में सवाल उठेंगे. हम यक़ीनन तुर्क की सरकार को जांच की कसौटी पर खरा उतरने वाले वैध सुबूत के साथ आमंत्रित करेंगे. अमरीका उसे स्वीकार करेगा, उस पर विचार करेगा और और उचित फ़ैसला करेगा.”

फ़तहउल्लाह गूलेन 1999 में तुर्की से अमरीका चले गए थे. अमेरिका में उनके कई बिजनैस हैं, और वो धार्मिक प्रवचन भी देते है.

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