वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों से इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा था की अमेरिका और पाकिस्तान के सम्बन्ध फ़िलहाल सही ट्रैक पर नही है. दोनों देशो के सम्बन्ध में साफ़ तनाव देखा जा सकता है. खासकर तब जब पाकिस्तान की असेंबली में डोनाल्ड ट्रम्प के बयान के खिलाफ एक प्रस्ताव पास किया जाता है. लेकिन ट्रम्प प्रशासन के कांग्रेस को दी गयी सूचना से ऐसा बिलकुल भी प्रतीत नही होता.

दरअसल ट्रम्प प्रशासन की और से कांग्रेस को बताया गया की उसने पाकिस्तान को 25.5 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद मुहैया करायी गयी है. हालाँकि ट्रम्प प्रशासन का कहना है की उन्होंने यह रकम एक शर्त के साथ पाकिस्तान को दी है. अगर वो यह शर्त पूरी नही करेंगे तो इस रकम को वो इस्तेमाल नही कर पाएंगे. इसलिए यह रकम एस्क्रो खाते में डाली गयी है. एस्क्रो खाते की रकम को बिना शर्त पूरा किया इस्तेमाल नही किया जा सकता.

और पढ़े -   सयुंक्त राष्ट्र में बोले क़तर अमीर: खाड़ी संकट का हल सिर्फ बिना शर्त बातचीत

अमेरिका ने पाकिस्तान के सामने शर्त रखी है की जब तक वह आतंकी संगठनों के खिलाफ और कार्यवाही नही करता. इससे पहले भी अमेरिका , पाकिस्तान को आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कह चुका है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा था की एक तरफ आतंकी , अफगानिस्तान में अमेरिकियों की जान ले रहे है वही दूसरी तरफ पाकिस्तान इन्ही आतंकियों को अपने यहाँ शरण दे रही है.

और पढ़े -   रोहिंग्या मुसलमानों की सहायता के लिए ईरान ने तेज़ की कोशिश।

डोनाल्ड ट्रम्प के इस बयान पर पाकिस्तान की और से भी कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली. पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ होने वाली तीन हाई प्रोफाइल बैठके रद्द कर दी. इसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ का अमेरिकी दौरा भी रद्द कर दिया जहाँ उनकी मुलाकात अमेरिका के विदेश मंत्री से होनी थी. इसके अलावा पाक ने असेंबली में भी एक प्रस्ताव पास कर कहा की ट्रम्प के बयान धमकाने और शत्रुतापूर्ण वाले है.

और पढ़े -   सांप्रदायिकता वैमनस्य पालने के बजाय अच्छी शिक्षा देने पर ध्यान दे भारत: नोबेल विजेता रामाकृष्णन

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE