सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने वीडियो में ग़लतबयानी के आरोप में जेल भेजे गए भारतीय ड्राइवर को सरकारी एजेंसियों ने रिहा कर दिया है. सामाजिक कार्यकर्ता कुंदन श्रीवास्तव ने इस बात की जानकारी दी है.

अब्दुल सत्तार मकंदर को सऊदी अरब के उस क़ानून के उल्लंघन में जेल भेजा गया था जिसमें सोशल मीडिया पर कोई भी अपुष्ट जानकारी का प्रचार करने पर सज़ा का प्रावधान है.

अपने वीडियो संपर्क में अब्दुल सत्तार ने श्रीवास्तव से दावा किया था कि उन्हें जल्द ही उनके घर भेजने की व्यवस्था की जाए क्योंकि उन्हें उनकी कंपनी वेतन नहीं दे रही है. कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया था.

दिल्ली में मौजूद कार्यकर्ता श्रीवास्तव ने बीबीसी हिंदी को बताया, ”कल (बुधवार) को भारतीय दूतावास के दो अधिकारी अब्दुल सत्तार से जेल में मिले थे और उन्हें गुरुवार शाम छह बजे छोड़ दिया गया.”

मगर श्रीवास्तव ने कहा कि वह इसे लेकर तय नहीं हैं कि मकंदर तुरंत भारत लौट सकते हैं या बाद में लौटेंगे.

मकंदर की माँ नूरजहां ने बीबीसी हिंदी को बताया था कि वह रोता था और दो महीने के लिए भारत आना चाहता था क्योंकि उसे अपने चार बच्चों और पत्नी की याद आती थी.

मगर मकंदर के अनुबंध के मुताबिक़ उन्हें दो साल बाद ही छुट्टी मिल सकती थी और दो साल पूरे होने में अभी छह हफ़्ते बाक़ी थे. बीबीसी ट्रेंडिंग ने इस बारे में कंपनी के प्रबंधन के हवाले से यह जानकारी दी है.

मकंदर का परिवार कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले के दांडेली इलाक़े में रहता है. (BBC)


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