ढाका | शनिवार को पूरी दुनिया में ईद-उल-अजहा का त्यौहार पूरी धूमधाम के साथ मनाया गया. इस्लामिक रीती रिवाजो के अनुसार इस त्यौहार पर बकरे या अन्य किसी जानवर की कुर्बानी दी जाती है. हर साल इस त्यौहार से कुछ दिन पहले हमारे देश में पशु क्रूरता को लेकर खूब चर्चा होती है. लोग, त्यौहार के नाम पर दी जाने वाली पशुओ की कुर्बानी के लिए मुस्लिमो की आलोचना भी करते है. सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चाये होती है. लेकिन कुछ दिन बाद सब शांत हो जाता है.

फ़िलहाल सोशल मीडिया पर ही बकरीद को लेकर एक तस्वीर खूब शेयर की जा रही है. इस तस्वीर को बांग्लादेश का बताया जा रहा है. तस्वीर में देखा जा सकता है की एक छोटी से लड़की सड़क के बीचो बीच खड़ी है. इस सड़क पर खून के रंग का पानी भरा हुआ है. बताया जा रहा है की यह कुर्बानी के बाद घरो से निकलने वाला खून है. हालाँकि कई यूजर इस तस्वीर को फोटोशॉप्‍ड बताकर आरोप लगा रहे है की इस्लाम धर्म के रीती रिवाजो पर निशाना साधने के लिए इस तरफ की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है.

चारो तरफ से हो रही आलोचनाओं के बाद , इस तस्वीर को खींचने वाला पत्रकार सामने आया है. उसने तस्वीर को असली बताते हुए एक विडियो और कुछ तस्वीर भी शेयर की है. पत्रकार का दावा है की ये सभी तस्वीर उसने ली है और फोटोशॉप्‍ड नही है. तस्वीरो के साथ साथ पत्रकार ने एक पोस्ट के जरिये बताने की कोशिश की कि जब यह तस्वीर खिंची गयी तो वह इस लाल रंग के पानी में घूम रहा था और यह बच्ची सडक पर अपने दोस्तों के साथ मस्ती कर रही थी.

पत्रकार नसिफ इम्तियाज ने अपने फेसबुक पेज पर इस तस्वीर की सच्चाई बताने के लिए दो विडियो और तस्वीर शेयर की. उसने लिखा की मैंने अब सच्चाई साबित करने के लिए कमेंट बॉक्स में एक वीडियो शेयर किया है. जहां मैं खुद उस सड़क पर घूम रहा था.ये वीडियो मैंने सबूत के लिए नहीं बनाया बल्कि अपने आप की यादों के लिए इसे बनाया था. मैं सबूत के तौर पर और भी तस्वीर शेयर कर रहा हूँ जिसमें लड़की अपने दोस्तों के साथ उसी सड़क पर घूम रही है.

 


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE