ज़ायोनी शासन की जेल में लम्बी भूख हड़ताल करने वाले मुहम्मद अलक़ीक़ अंततः इस्राईल से अपनी लड़ाई जीत गए हैं।

अलआलम टीवी के अनुसार फ़िलिस्तीनी पत्रकार मुहम्मद अलक़ीक़ जिन्हें ज़ायोनी शासन की जेल में क़ैद करके रखा गया था तीन महीने की भूख हड़ताल के बाद रिहा हो गए हैं। वे गुरुवार की शाम को पश्चिमी तट के अलख़लील नगर के निकट स्थित अपने गांव पहुंच गए।

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अलक़ीक़ ने पत्रकारों को बताया कि उनकी यह विजय, ज़ायोनी शासन की कमज़ोरी को स्पष्ट करती है और इसी तरह यह भी साबित करती है कि सुरक्षा स्थापित करने के मामले में यह शासन पागल हुआ जा रहा है। इस फ़िलिस्तीनी पत्रकार ने कहा कि उनकी विजय, फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की विजयों की ही एक कड़ी है और यह राष्ट्र अपने गतिरोध से नई नई सफलताएं प्राप्त करेगा।

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ज्ञात रहे कि 33 वर्षीय मुहम्मद अलक़ीक़ के दो बच्चे हैं और इस्राईल ने उन्हें दिसम्बर में गिरफ़्तार करके जेल में डाल दिया था। इस दौरान उन के ख़िलाफ़ किसी भी प्रकार की चार्ज शीट दाख़िल नहीं की गई। उन्होंने तीन महीने पहले अपनी अवैध गिरफ़्तारी और जेल अधिकारियों के बुरे रवैये के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल शुरू की थी और मांग की थी कि उन्हें रिहा किया जाए। अंततः वे भूखे पेट रह कर लड़ी गई इस लड़ाई में विजयी रहे और ज़ायोनी शासन ने उन्हें गुरुवार को रिहा कर दिया।

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