लगातार युद्ध की मार झेल रहे यमन के हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते ही जा रहे हैं. अरब के सबसे गरीब देशों में गिने वाले इस देश में भुखमरी के कारण कभी भी 5 लाख लोगों की मौत हो सकती हैं. ये चेतावनी सयुंक्त राष्ट्र की और से जारी की गई हैं.

हाल ही में संयुक्त राष्ट्रसंघ के मानवाधिकार मामलों के विशेषज्ञ जेन एगीलेंड ने यमन के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया. जिसके बाद उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्ष से युद्ध की आग में जल रहे यमन की पूरी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो चुकी हैं. जिसके कारण यहाँ के लोगों के पास खाने तक को भी कुछ नहीं हैं.

यमन की वर्तमान हालात को देखते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इस देश में कभी भी भीषण महाअकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. वहीँ सयुंक्त राष्ट्र का कहना है कि यमन में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के भूखे रहने को देखते हुए महाअकाल की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है.

सयुंक्त राष्ट्र के अधिकारी के अनुसार खेद की बात यह है कि यमन का संकट मानव जनित संकट है किंतु कोई भी इसकी ज़िम्मेदारी स्वीकार करने को तैयार नहीं है.  उन्होंने कहा कि यह एक एसा मानव जनित संकट है जिसके कारण किसी भी समय कम से कम पांच लाख यमनवासी काल के गाल में समा जाएंगे.


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