prakashraj 759

नोटबंदी सहित विभिन्न मुद्दों पर मुखर होकर केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करने वाले दक्षिण अभिनेता प्रकाश राज ने सिनेमाओं में राष्ट्रगान को लेकर कहा कि देशभक्ति साबित करने के लिए सिनेमा हॉल में खड़े होना जरूरी नहीं है.

रविवार को बेंगलुरु में उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी को भी सिनेमा हॉल में खड़े होकर अपनी देशभक्ति का सबूत देने की जरूरत है.’  उन्होंने राजनीति में प्रवेश को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा, अभिनेताओं का राजनीति में कदम रखना उन्‍हें बिल्‍कुल पसंद नहीं है. अपने बारें में उन्होंने कहा, वह किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने नहीं जा रहे हैं.

ध्यान रहे बीते दिनों वे कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रख चुके है. हाल ही में उन्होंने हिंदू आतंकवाद पर अभिनेता कमल हासन के बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि  ‘अगर धर्म, संस्कृति और नैतिकता के नाम पर भय फैलना आतंक नहीं है तो यह क्या है? सिर्फ पूछ रहा हूं.’ उन्होंने गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्या को भी आतंक का पर्याय बताया था.

इसके अलावा उन्होंने नोटबंदी के एक साल पुरे होने पर नोटबंदी को फ़ैल  करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफ़ी की मांग की थी. साथ ही उन्होंने महिला पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में भी प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया था.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE