अजान को लेकर किये गए विवादित ट्वीट मामले में गायक सोनू निगमको हाईकोर्ट से क्लीन चिट मिल गई है। कोर्ट ने कहा है कि हजरत मोहम्मद साहब ने जब इस्लाम धर्म की स्थापना की थी तो बिजली और माइक्रोफोन नहीं थे. ऐसे में लाउड स्पीकर से अजान मुस्लिम धर्म का अभिन्न अंग नहीं है.

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि सोनू निगम के ट्वीट की समीक्षा से पता चलता है कि उन्होंने अजान को नहीं बल्कि लाउड स्पीकर के प्रयोग को गुंडागर्दी करार दिया था. इस मामलें में कोर्ट सोमवार को ही सोनू निगम के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर चुका हैं.

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आस मोहम्मद की याचिका पर अब जारी हुए विस्तृत आदेशों में हाईकोर्ट ने कहा कि सोनू निगम की ओर से किए गए सभी ट्वीट की जांच के बाद यह तथ्य सामने आ रहा है कि उन्हें बलि का बकरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है. इस तरह के किए गए प्रयासों पर रोक लगाया जाना बेहद ही जरूरी है.

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कोर्ट ने कहा संविधान की प्रस्तावना के तहत एकता, अखंडता और भाईचारे की जिस भावना को संरक्षित किए जाने की बात कही गई है, उसे बनाए रखना बेहद जरूरी है.  कोर्ट ने कहा कि जो भी शब्द इस्तेमाल किए गए वे अजान को लेकर नहीं थे बल्कि लाउड स्पीकर को लेकर थे और इन शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत होने वाली नहीं हैं

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