सन 2012 में अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वास्सेपुर’ आई थी उस समय आरम्भ में तो लोगो को लगा की कोई छोटे बजट की फिल्म टाइप मूवी होगी लेकिन जैसे जैसे दर्शक फिल्म देखकर सिनेमा से बाहर निकले उन पर सरदार खान का ऐसा जूनून छाया की वो गैंग्स ऑफ वास्सेपुर 2 ‘ आने पहले ही फैजलवा बन गये थे, कोहराम न्यूज़ लेकर आया है आपके लिए उन सभी सुपरहिट डायलॉग का कलेक्शन

ऐसे अनुराग कश्यप ने जनता को अधिक इंतज़ार नही करवाया और फैज़ल खान को जल्दी इन्तेकाम दिलवा दिया

आइए देखते है वो कौन से डायलॉग थे जो लोगो के ज़ेहन तक उतारते चले गये

hajrat hajrat hajrat
हजरात हजरात हजरात

सरदार खान

 “सरदार खान नाम है हमारा … बता ..दीजियेगा  सबको …”

 ” आड़ चाहे जितने बड़े हो जाये … लाड के नीचे ही रहता है “

” उस हरामी को मिटाना है हमें .. गोली नही मरेंगे … कह के लेंगे उसकी ..”

” ई का बवासीर बना दिए हो .. मारते है कसाई मोहल्ला ..जाता है कलकत्ता “

“ज़रा सूंघ के बताओ ..मंत्री जी नाश्ता में का खाए है “

“घर जा के .. जब अपने पिताजी की **** खुजा रहे होंगे ना …तब पूछियेगा हम कौन है “

“अगर हमारे बेटे को कुछ हो जाता तो इतना गोली मारते ….. की आपका ड्राईवर भी खाली खोका बेच बेचकर रईस बन जाता “

हजरात हजरात हजरात …. ..इतना बम मरेंगे की पूरा एरिया धुआं धुआं हो जायेगा ..और रामाधीर सिंह के परिवार के हरेक आदमी से *** नाच नाचवायेंगे … हजरात हजरात हजरात

ramadhir singh
बेटा ..तुमसे ना हो पाएगा

रामाधीर सिंह 

“उसके मुंह में तार डाल के **** से निकाल के इसी प्लोट पर पतंग नही उड़ाई तो हमारा नाम नही” 

“जैसे लोहा लोहे को काटता है वैसे ही चु*** ही तो चु**** को मरेगा ना”

“वो काहे भाई…हम अभी तक जिन्दा है क्युकी हम सनीमा नही देखते, सब साले सबके दिमाग में अपनी अपनी पिक्चर चल रही है, सब साले हीरो बन्ना चाह रहे अपनी पिक्चर में, ई साला हिंदुस्तान में जब तक सनीमा है .. लोग चु*** बनते रहेंगे “

“बेटा .. तुमसे ना हो पाएगा ..”

faizal
मोहसिना – ” पहले परमिसन लेना चाहिए था ना ..”

फैज़ल खान 

“बाप का, भाई का, दादा का, सबका बदला लेगा रे तेरा ये फैज़ल…”

“तुमको याद कर करके हमरा हाथ दुःख गया “

“सारा का सारा वासेपुर बंद करवाओ”

“बच्चे को डैडी का ही बोलना”

फैज़ल और मोहसिना का संवाद 

फैज़ल-पिक्चर चलें ? करन अर्जुन .. चल ना साहरुख सलमान दोनों है 

मोहसिना -हाथ पकड़ोगे तुम?

“माँ कसम नही पकडूँगा”

“गोदी में पोपकोर्न गिरेगा तो ढूँढोगे नही अँधेरे में “

“माँ कसम …नही ढूँढोगा “

“सट के बैठोगे ?”

“माँ कसम नही बैठूँगा “

“तो अपनी अम्मा के साथ ही जाओ ना.. हमरा क्या ज़रुरत है “

अन्य डायलॉग 

 “इंसान जो है बस दो नस्ल के होते है .. एक होते है हरामी और दुसरे बेवक़ूफ़”

सुल्तान – ये वासेपुर है ..यहाँ कबूतर भी एक ही पंख से उड़ता है ..और दुसरे से अपनी इज्ज़त बचाता है”

नगमा खातून – खाना खाओ ..ताक़त आयेगा …बाहर जाकर बेईज्ज़ती मत कराना”

पिस्तौल बनाने वाला – ट्रक के स्टेरिंग का पाइप लाओ…ये तो… फट के फिलोवर हो जायेगा 

नोट – अगर हम कोई डायलॉग भूल गये हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिख दीजिये

 


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें