वे नौशाद और सरफराज के लिए मुरव्‍वत के दिन थे. रेलवे में फोर्थ ग्रेड के कर्मचारी नौशाद ने मुंबई में सरफराज को क्रिकेट ट्रेनिंग दिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी. वे नौकरी के अलावा आमदनी के दूसरा जरिया ढूंढने के लिए कड़ी मेहनत करने लगे. सरफराज भी घर के पास ही गंदगी से भरे मैदान में प्रैक्टिस किया करता था.इसी बीच, अचानक ऐसा हुआ, जिसने सरफराज और उसके पिता को तोड़ कर रख दिया. मुंबई रणजी टीम में सरफराज का सेलेक्‍शन नहीं हो पाया. आखिरकार टूटे सपने को लेकर बाप बेटे यूपी लौट आए.

‘अब्‍बू, अर्जुन कितना नसीबवाला है ना? वह सचिन तेंदुलकर का बेटा है. उसके पास कार, आईपैड… हर चीज है….’ ये बातें सुन उस होनहार क्रिकेटर के पिता के चेहरे पर अजीब खामोशी छा जाती थी. वह चुपचाप अपने बेटे की बात सुनता था, लेकिन उसने बेटे के सपनों को मरने नहीं दिया. वह अपने बेटे के लिए संघर्ष करता रहा, दर-दर की ठोकरें खाता रहा, लेकिन खुद को टूटने नहीं दिया. किस्‍मत तो देखिए, आज वही छोटा सा बच्‍चा अब क्रिकेट की दुनिया में खूब नाम कमा रहा है और दनादन चौके-छक्‍के की बारिश कर रहा है.विराट कोहली भी इस क्रिकेटर की कई बार पीठ थपथपा चुके हैं. वे खुद उस खिलाड़ी की बल्‍लेबाजी को निखारने में लगे हैं. यहां तक कि इस क्रिकेटर में क्रिस गेल को खुद की जवानी नजर आती है और उसे बेटे के जैसा मानते हैं. ऑस्‍ट्रेलियाई खिलाड़ी शेन वाट्सन भी उसकी प्रतिभा और बैटिंग के मुरीद हैं.

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टीम इंडिया के दरवाजे पर दस्‍तक दे रहे इस क्रिकेटर का नाम है सरफराज खान. इस सीजन के हालिया मैच में रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर के इस खिलाड़ी ने जिस अंदाज में बैटिंग की, उसे देख हर कोई हैरान है. भुवनेश्‍वर कुमार जैसे गेंदबाज के ओवर में सरफराज ने 1, 4, 4, 6, 4, 4 शॉट लगाकर धुंआधार बैटिंग की.हालांकि, सरफराज के लिए आईपीएल का यह सफर बहुत आसान नहीं रहा है. अपने बुरे दिनों की याद कर सरफराज के पिता की आंखें नम हो जाती है. वे अपने बेटे को सपनों के शहर मुंबई ले आए.

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वे नौशाद और सरफराज के लिए मुरव्‍वत के दिन थे. रेलवे में फोर्थ ग्रेड के कर्मचारी नौशाद ने मुंबई में सरफराज को क्रिकेट ट्रेनिंग दिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी. वे नौकरी के अलावा आमदनी के दूसरा जरिया ढूंढने के लिए कड़ी मेहनत करने लगे. सरफराज भी घर के पास ही गंदगी से भरे मैदान में प्रैक्टिस किया करता था.इसी बीच, अचानक ऐसा हुआ, जिसने सरफराज और उसके पिता को तोड़ कर रख दिया. मुंबई रणजी टीम में सरफराज का सेलेक्‍शन नहीं हो पाया. आखिरकार टूटे सपने को लेकर बाप बेटे यूपी लौट आए.

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यहीं से सरफराज की किस्‍मत ने पलटी खाई. अंडर-19 वर्ल्‍ड कप और आईपीएल में मौका मिलने के बाद सरफराज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. सिर्फ 17 साल की उम्र में सरफराज को रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर ने 50 लाख रुपए में खरीदा. सरफराज ने भी इसे सही साबित करते हुए राजस्‍थान रॉयल्‍स के खिलाफ 21 गेंदों पर 45 रनों की चमकदार पारी खेली. इसके बाद से सरफराज का शानदार सफर जारी है. (hindi.pradesh18.com)


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