मुंबई: परवीन बाबी को दुनिया से अलविदा कहे 11 साल (20 जनवरी, 2005) बीत चुके हैं। जितने स्टारडम और चर्चाओं के बीच उन्होंने सक्सेस की सीढ़िया चढ़ीं, उतनी ही खामोशी और अंधेरे में उनके जीवन का अंत हुआ। यूं तो परवीन के तीन पुरुषों से संबंध रहे, लेकिन उनकी और महेश भट्ट की लव स्टोरी आज भी याद की जाती है, जो बेहद दर्द भरी रही।
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तीन साल चला रिश्ता…
1977 में दोनों का प्यार परवान चढ़ रहा था। उस वक्त महेश शादीशुदा थे, जबकि परवीन कबीर बेदी से ब्रेकअप के सदमे से उबर रही थीं। अपने जमाने की सुपरस्टार परवीन और महेश ने लिव-इन में रहना शुरू कर दिया। दोनों एक दूसरे के इतने करीब आ गए थे कि इनके बीच सिर्फ प्यार के लिए जगह थी। जब दोनों साथ होते थे तो स्टारडम कहीं पीछे छूट जाता था।

इस घटना से बुरी तरह हिल गए थे महेश…

साल 1979 की बात है। एक दिन महेश जब घर लौटे तो उन्होंने देखा कि परवीन फिल्म की कॉस्ट्यूम पहने घर के एक कोने में बैठी हैं, उनके हाथ में चाकू था। महेश को देखते हुए परवीन ने उन्हें चुप रहने का इशारा करते हुए कहा, “बात मत करो, कमरे में कोई है। वो मुझे मारने की कोशिश कर रहे हैं।” ये पहला वाक्या था जिससे महेश बुरी तरह हिल गए थे। उन्होंने परवीन का ये रूप पहले कभी नहीं देखा था। फिर अक्सर ही परवीन ऐसी हरकतें करने लगीं। डॉक्टरों को दिखाने के कुछ दिन बाद पता चला कि उन्हें सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी है। तमाम इलाज के बावजूद परवीन की ये बीमारी ठीक होने का नाम नहीं ले रही थी। उनके दिल में ये डर बैठ गया था कि कोई उन्हें मारना चाहता है। कुछ समय बाद तो परवीन को लगने लगा था कि उनकी कार में बम रखा है, वो एसी की आवाज तक से डर जाती थीं। परवीन की ऐसी स्थिति देखकर उन्हें कमरे में ही बंद रखा जाने लगा।

कबीर बेदी और डैनी से भी रहे रिश्ते…
बॉलीवुड में परवीन बाबी का पहला लिंकअप एक्टर डैनी के साथ रहा। कहा जाता है कि दोनों एक-दूसरे के लिए इतने क्रेजी थे कि मात्र 36 घंटों में उनका प्यार परवान चढ़ चुका था। हालांकि, जितनी जल्दी ये रिश्ता बना उतनी ही जल्दी टूट भी गया। डैनी से अलग होने के बाद परवीन की जिंदगी में कबीर बेदी की एंट्री हुई। कबीर के भी अपनी पत्नी से रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे। कबीर और परवीन, दोनों ही बिंदास लाइफस्टाइल पसंद करने वाले थे। कुछ सालों के अफेयर के बाद एक बार फिर परवीन का रिश्ता टूटने लगा। वो कबीर बेदी से भी अलग हो गई और महेश में सहारा ढूंढने लगी थीं।

मौत से बेहद दुखी थे सभी…
साल 2005 में परवीन बाबी की रहस्यमयी मौत ने उनके पुराने प्रेमियों कबीर बेदी और महेश भट्ट को हिला दिया था। खासकर महेश को। जब उन्हें पता चला कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य उनका शव लेने नहीं आया, तो उन्होंने खुद शव को दफनाने की पेशकश की थी। महेश का मानना था कि वे अब तक उन्हें प्यार करते थे और उनके लिए कुछ करना चाहते थे। महेश मानते हैं कि उनकी फिल्में (अर्थ और वो लम्हें) परवीन के प्रति आभार व्यक्त करने का एक माध्यम थीं।

ताउम्र नहीं की शादी…
तीन बार प्यार में पड़ने और धोखा मिलने के बाद भी परवीन हमेशा अविवाहित रहीं। उन्हें नाम, पैसा तो मिला लेकिन कोई हमसफर नहीं मिला। हिंदी फिल्मों की ऐसी कई एक्ट्रेसेस हैं जिनका किसी से अफेयर चला, लेकिन उसके सफल नहीं होने पर उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला कर लिया।
साभार दैनिक भास्कर

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