बॉलिवुड के नायक नाना पाटेकर का कहना है कि उन्हें जाति और धर्म जैसी चीजों में बिल्कुल यकीन नहीं और सभी फॉर्म पर मौजूद इस कॉलम को हटाया जाना चाहिए। यह बात उन्होंने महाराष्ट्र के कोंकोण में सिंधुदुर्ग स्थित एक स्कूल फंक्शन के दौरान कही है।

कार्यक्रम के दौरान नाना ने सवाल किया कि हम सभी भारतीय हैं और हमारा सिर्फ यही एक धर्म होना चाहिए। हमें अलग-अलग हिन्दू, मुस्लिम या क्रिस्चन कहलाने की जरूरत क्या है? क्या पैदा होते समय किसी को कोई धर्म पता था?

गौरतलब है कि नाना पाटेकर बॉलिवुड के मशहूर ऐक्टर में शुमार हैं। नाना इन दिनों अपने नाम फाउंडेशन नामक संस्था के जरिए महाराष्ट्र में आत्महत्या कर चुके किसानों के परिवार की मदद के लिए काम कर रहे हैं।

नाना पाटेकर हमेशा अपनी खरी और सीधी बातों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘यदि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है तो यहां हर फॉर्म में धर्म और जाति का कॉलम क्यों है? हटाओ इसे।’ उन्होंने अपनी बात रखते हुए आगे यह भी कहा कि हर धर्म यही कहता है कि भगवान को अपने अंदर ढूंढो। हमारा काम ही हमारा देवता है।’

उन्होंने कहा कि हर किसी में हीरो और विलन दोनों ही मौजूद होते हैं, इसलिए यह आप पर निर्भर करता है कि आप हीरो बनते हैं या फिर विलन। यदि आप इंसानियत की राह पर चलते हैं तो इससे आपको संतुष्टि मिलेगी।

नाना कुछ अच्छे काम के लिए फंड्स इकट्ठा कर रहे हैं। वह सूखे की मार से पीड़ित किसानों के परिवार की मदद के लिए लोगों से आग्रह कर रहे हैं। ‘नाम’ (NAM यानी Nana and Makarad, मकरंद मराठी फिल्म ऐक्टर हैं) के जरिए फिलहाल विदर्भ और मराठवाड़ा में जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। नाना ने भरोसा दिलाया है कि ‘नाम’ फाउंडेशन का ब्रांच कोंकण में भी शुरू किया जाएगा। (नवभारत टाइम्स)


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