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नसीरुद्दीन शाह ने कश्मीरी पंडितों के मामले पर अनुपम खेर पर निशाना साधा हैं. उन्होंने अनुपम खेर को आड़े हाथों लेते हुवे कहा कि वह व्यक्ति जो कभी कश्मीर में नहीं रहा, उसने कश्मीरी पंडितों के लिए लड़ाई शुरू की है। अचानक से वह एक विस्थापित व्यक्ति बन गए.

इसके अलावा शाह ने मोदी सरकार के कामकाज पर भी चिंता जाहिर करते हुवे कहा कि देश के नागरिकों को सरकार के प्रति धारणा बनाने से पहले उसे और समय देना चाहिए. हालांकि, उन्होंने कहा कि वह कुछ पाठ्यक्रमों में किए गए बदलावों को लेकर चिंतित हैं. सरकार इतनी मूर्ख नहीं है कि देश को अंधकार के दौर में ले जाए.

उन्होंने आगे कहा कि लोग बहुत तेजी से फैसले लेते हैं और धारणाएं बना लेते हैं. मुझे लगता है कि हमें सरकार को और समय देना चाहिए. लेकिन कुछ चीजें हैं जो मुझे चिंतित करती हैं, जैसे पाठ्यपुस्तकों में बदलाव. मेरा मानना है कि सत्ता में बैठे लोग अपने सामने मौजूद विकल्पों को समझने के लिहाज से मूर्ख नहीं हैं, ये विकल्प हैं कि या तो एक आधुनिक भारत का निर्माण करें या हमें अंधेरे के दौर में दोबारा ले जाएं. मुझे लगता है कि वह इतने मूर्ख नहीं हैं कि दूसरे विकल्प को चुनें.

नसीरुद्दीन  शाह के बयान पर अनुपम खेर ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्विटर कर कहा कि, शाह साहब की जय हो. आपके तर्क के अनुसार तो एनआरआई को भारत के बारे में सोचना ही नहीं चाहिए.


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