मुंबई, पूरे विश्व में सिनेमा की दुनिया अब डिजिटल कैमरों के साथ काम कर रही है और रील का जमाना खत्म हो चुका है। ऐसे में 70एमएम प्रोजेक्शन कल्चर की आखिरी हॉलीवुड फिल्म, द हेटफुट एट भारत में रिलीज होने तैयार है।

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ऑस्कर विजेता निर्देशक क्वेंटिन टोरेंटिनो द्वारा लिखित-निर्देशित यह फिल्म 15 जनवरी को सिनेमाघरों में लगेगी। फिल्म बीती सात दिसंबर को अमेरिका में रिलीज हो चुकी है। वैसे फिल्म का डिजिटल संस्करण भी 30 दिसंबर को रिलीज हुआ है।

टोरेंटिनो के अनुसार 70 एमएम प्रोजेक्शन तकनीक पर फिल्म शूट करने का उनका उद्देश्य यह था कि दुनिया को बता सकें कि यह तकनीक केवल पहाड़ी और रेगिस्तानी दृश्यों को ही खूबसूरती से शूट नहीं करती बल्कि इससे बंद कमरों में भी डिजिटल की तरह ही आकर्षक, जीवंत और संजीदा दृश्य कैद किए जा सकते हैं।

आज भी इस तकनीक से बड़ी फिल्में शूट हो सकती हैं। परंतु अब रील पर फिल्म शूट करना डिजिटल के मुकाबले कहीं महंगा पड़ता है। अतः द हेटफुट एट रील युग की विदाई का आखिरी दस्तावेज है।

शोले बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म थी, जो 70 एमएम फॉर्मेट में बनी थी। इसके अलावा पहली बार ही किसी हिंदी फिल्म में स्टीरियोफोनिक साउंड तकनीक का इस्तेमाल किया गया था।

70 एमएम पर शूट करना चाहते थे। दोनों चाहते थे कि दर्शकों को हॉलीवुड स्टाइल की बड़ी फिल्मों जैसा एहसास हो, लेकिन 70 एमएम पर शूट करने के लिए विदेश से बड़े बड़े कैमरे मंगाने पड़ते जो उस दौर में मुमकिन नहीं था।

फिर सिनेमेटोग्राफर दवेचा ने फैसला लिया कि वो फिल्म को 35 एमएम पर ही शूट करेंगे। और बाद में उसे जोड़कर 70 एमएम बना दिया जाएगा। जिसका सिर्फ एक ही तरीका था, हर सीन को दो बार शूट करना।

साभार अमर उजाला


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