बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त अब जेल से बाहर आ गए हैं। मगर जेल में बिताए गए समय को लेकर संजय दत्त के पास अब भी बहुत कुछ है जो वो अपने फैन्स के साथ शेयर करना चाहते हैं।

खबरों के मुताबिक संजय दत्त ने जेल में पेपर बैग्स बनाए, रेडियोजॉकी की भूमिका निभाई। मगर एक और काम है जो संजय ने पुणे की यरवडा जेल में किया। वो यह कि उन्होंने अपना अनुभव कागज पर उतारा भी। वो अब इसे किताब का रुप देने की तैयारी में हैं।

संजय दत्त ने बताया ‘इस किताब का टाइटल होगा ‘सलाखें’। मैंने कुछ लिखा है। मैं एक किताब रिलीज करूंगा। हम इसे कुछ पब्लिशर्स को दिखाएंगे। मेरे साथ में जैशान कुरैशी, समीर हिंगले ने कुछ 500 शेर लिखे हैं। यह सभी हिंदी में हैं।’

दत्त ने कहा ‘इन पांच सौ शेर में से मैंने करीब सौ शेर लिखे हैं। कुछ इस वाकये पर आधारित हैं जब उनकी पत्नी मान्यता उनसे मिलने जेल पहुंची थीं।’

संजय ने बताया ‘इस बात से मैं खुद हैरान था कि ये मैंने लिखा है। मुझे याद है कि मेरी पत्नी मुझसे मिलने आई थी। उन्हें बुखार था मगर वो मुझे देखने आई थी। मैंने ही ये जिद भी की थी मगर जब मैंने उन्हें देखा तो मुझे बुरा भी लगा।’ (Naidunia)


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