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Wednesday, September 20, 2017
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पाठको के लेख

उर्दू लफ्ज़ का इस्तेमाल सबसे पहले तेहरवी सदी में ग़ुलाम हमदानी मुशाफी ने किया था. उर्दू ज़बान की पाकीजगी को कौन नहीं जनता इसके तलफ्फुज नजाकत का हर वो शख्स कायल होगा जिसने मीर से फ़राज़ की गज़ले और सूफियाना कलाम सुने हैं. इस ज़बान को पसंद करने वाले...
इकबाल अहमद जकाती. बेलगाम, कर्नाटक बेलगाम शहर के महानतेश नगर में मुकीम मोहतरमा फहीमुन्निसा सय्यद का इंतेकाल वाकई दिल को छू लेनेवाला वाकिआ रहा। एकलौता बेटा जिसे बड़ी बेरहमी के साथ पुलिस ने दहशतगर्दी सरगर्मियों में मुलव्विस होने के इलजाम में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद रिहाई का वक्फा इतना तवील...
सेवा में माननीय मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री हरियाणा प्रदेश महोदय यह पूरा देश जानता है कि अतीत में आपकी जुबान से निकले जुमलों ने हफ्तो तक टेलीविजन के प्राईम टाईम में बहसो मुबाहिसा कराया है। इस देश के मस्तिष्क में अभी भी लफ्ज गूंज रहे हैं जब आपने बेबाकी से कहा था...
"जो है नाम वाला, वही तो बदनाम है" -ये अल्फाज़ मुग़ल बादशाह औरंगजेब के ऊपर सबसे ज्यादा फिट बैठते हैं. जिस शख्स की कभी 'तहज्जुद' की नमाज़ क़ज़ा नहीं होती थी. जिसके शासनकाल में हिन्दू मनसबदारों की संख्या सभी मुग़ल बादशाहों की तुलना में सबसे ज्यादा थी. जिसने कट्टर...
पेट्रोल-डीजल के दामों में कल से हुई बढ़ोत्तरी आज सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र रही. सोशल मीडिया कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद हुई इस बढोत्तरी पर खासा नाराज दिखाई दिया. इससे संबंधित ‘क्रूड डाउन पेट्रोल अप’ आज एक ट्रेंडिंग टॉपिक था. इसके साथ पूछा जा...
क्या आप मार्क जुकरबर्ग को जानते हैं? इस सवाल पर किसी-किसी का जवाब ना में और ज्यादातर का जवाब हां में होगा। दुनिया का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, वह मार्क के जिक्र बिना अधूरा रहेगा। एक ऐसा दूरदर्शी नौजवान जिसने दुनिया को दिखा दिया कि जब लोग तकनीक के...
मुग़ल बादशाह अक़बर ने 1580 में संस्कृत के क्लासिक महाभारत का फारसी में अनुवाद कराया था. इतिहासकार ऑड्री ट्रश ने अपनी किताब 'कल्चर ऑफ एनकाउंटर्सः संस्कृति एट द मुग़ल कोर्ट' में ये जानकारी दी है. इस अनुवाद का नाम फ़िरदौसी रचित फ़ारसी क्लासिक शाहनामा की तर्ज पर रज़्मनामा(युद्ध की कहानी) रखा...
हैलो मिस्टर ब्राह्मणवादी सेक्यूलर एंड मिस सेक्यूलराइन, हाऊ आर यू? अरे सुनो, सुन लो भाई। मालदा पर आप दोनों ने लेख लिखा था। ख़ूब चर्चा में रहा। प्वाइंट टू प्वाइंट समझाया की मुसलमान क्यों पिछड़ें हैं। क्यों उनका जी घबराता है। क्यों वे बुर्क़े में क़ैद रहना चाहते हैं। क्यों वे...
डियर तैमूर हेटर्स, अप्रैल 1398 में तैमूर समरकंद से भारत को जीतने निकला। दिल्ली पर मुसलमानों का शासन था। सुल्तान नसीरउद्दीन महमूद शाह तुगलक था। बढ़ते हुए तैमूर दिसंबर में पानीपत पहुंचा। 13 दिसंबर को पानीपत में दो मुसलमानों की लड़ाई हुई। दोनों इस्लाम के फॉलोवर। दिल्ली का सुल्तान 40...
kanhaiya
जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में कथित तौर पर अफज़ल गुरु की शहादत दिवस मनाने और कश्मीर की आज़ादी के लिए भारत की बर्बादी के नारे लगाने वाले छात्रों के एक गुट के बहाने देश की मीडिया जनवादी रुख वाले छात्रों को जिस तरह से परेशान कर रही है उससे यह...

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