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Friday, February 24, 2017
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पाठको के लेख

भारत का बजट सोमवार को आ रहा है. लगभग हर टीवी चैनल, हर अख़बार बजट की ख़बरों से रंगे हुए हैं. पर आम आदमी के लिए यह कवरेज और बजट बेतुका है. पर क्यों? इसके पाँच बड़े कारण निम्न हैं. वित्तीय घाटा: सारे वित्तमंत्री और विशेषज्ञ बजट में वित्तीय घाटे के...
                                                        जावेद अनीस असंगठित क्षेत्रों में काम कर रहे मजदूरों के लिए श्रम कानून पहले ही बेमानी हो चुके थे इधर लेकिन “अच्छे...
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टीपू सुलतान की तलवार की जगह मीर जाफर की तलवार अब महत्वपूर्ण हो गयी है रणधीर सिंह सुमन रूस में प्रधानमंत्री मोदी ने गार्ड ऑफ़ ऑनर से पहले राष्ट्रगान के समय चल कर अपने उतावलेपन का परिचय दिया। रूसी अधिकारियों ने आगे बढ़कर उनको रोका और राष्ट्रगान के समय खड़ा रहने...
क्या यह हैरत और चिंतन करने की बात नहीं है कि इस्लामफोबिया के शिकार जिस समाज को मुस्लिम मर्दों की दाढ़ी और टोपी से डर लगता था , उसको अब औरतों के बुर्के से भी डर लगने लगा है. पहले यह डर पश्चिमी समाज में पैदा हुआ और यूरोप के अधिकांश...
शबरोज मोहम्मदी (रिहाई मंच) सीतापुर जिले के पट्टी दहलिया गांव का वह मन्जर जहां तेज धूप में मासूम बच्चे बुड्ढे, बेबस औरते, खुले आसमान के नीचे जिन्दगी को बसर करने पर मजबूर कर दिये गये। मासूम बच्चे जो अभी अपने माँ के गोद को ही अपनी दुनिया समझते थे,जिन्दगी के उतार-चढ़ाव...
The Assam Assembly elections have been largely based on the hype about the Muslim vote and the fear psychosis that all Muslims in Assam will be thrown out of the country because they are migrants. But apart from just pleasing the anti-migrant or the anti-Muslim crowd, the BJP has hardly offered...
भारत का संविधान कहता है कि भारत धर्म निरपेक्ष होगा, यानी यहाँ सभी धर्मों को बराबर माना जाएगा और सरकार किसी एक धर्म को आश्रय नहीं देगी. हिंदुओं के हितों की बात करने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ नें आज़ादी मिलते ही राष्ट्रीय ध्वज के रूप में तिरंगे को स्वीकार...
मुस्लिम समाज में शिक्षा की चुनौती जैसे भारी-भरकम विषय को पेश करने का दावा, "लड़ना नहीं, पढ़ना जरूरी है” का नारा और जर्नलिस्ट से फिल्ममेकर बना एक युवा फिल्मकार, यह सब मिल कर किसी भी फिल्म के लिए एक जागरूक दर्शक की उत्सुकता जगाने के लिए काफी हैं. निर्देशक ज़ैगम इमाम के...
प्रो. (डॉ.) तलत अहमद, कुलपति, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली। कल मुम्बई में सर सय्यद डे मनाया गया और इसके साथ ही अलिग बिरदारी का 5 साल पुराना बिखराव एकजुटता में बदल गया। ऐसा नहीं था की इन पांच सालों के दौरान मुम्बई के सभी ग्रुप को एकसाथ लाने की कोशिश नहीं...
लोकसभा से पास होने के बाद अब जुवेनाइल बिल राज्य सभा में भी पास हो गया है, और अब यह राष्ट्रपति की मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा। इस बिल के लागू होने के बाद अगर जुर्म 'जघन्य' हो, यानी आईपीसी में उसकी सज़ा सात साल से अधिक हो तो, 16 से 18 साल की उम्र...

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