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Friday, March 24, 2017
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पाठको के लेख

देश अभी नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये पचास दिनों का इंतजार कर रहा है जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर पचास दिन के बाद नोटबंदी से कोई समस्या आये तो उन्हें किसी चौराहे पर जिंदा जला देना। वह अपने वादे पर काबिज रहेंगे या नहीं यह...
हर सवाल जवाब मांगता है। यह अलग बात है कि कभी-कभी जवाबों में भी कई सवाल छुपे होते हैं। यह जरूरी तो नहीं कि जिंदगी में जो देखा जाए, वह हरदम याद ही रहे। कुछ बातें बीत जाती हैं मगर कई यादें दिल के एक कोने में हमेशा महफूज...
मीडिया के जरिए आपके साथ एक खेल खेला जा रहा है। किसी व्यक्ति की राजनीतिक महत्वकांक्षा के लिए बहुत सारे लोग राष्ट्रवाद की गौ रक्षा में लगा दिए गए हैं। गुजरात के दलितों ने गौ रक्षा का उपाय कर दिया तो अब गौ रक्षकों ने राष्ट्रवाद को गाय बताकर...
An atmosphere of communal polarization, hate crimes, insecurity and violence is getting denser in the country. Political leaders seem to be promoting or patronizing it. The government is only running down the artists and writers. Freedom of expression is the foundation on which the structure of democracy has been...
उर्दू लफ्ज़ का इस्तेमाल सबसे पहले तेहरवी सदी में ग़ुलाम हमदानी मुशाफी ने किया था. उर्दू ज़बान की पाकीजगी को कौन नहीं जनता इसके तलफ्फुज नजाकत का हर वो शख्स कायल होगा जिसने मीर से फ़राज़ की गज़ले और सूफियाना कलाम सुने हैं. इस ज़बान को पसंद करने वाले...
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व्यंग - नारीवादी महिलाओ की सबसे बड़ी उलझन अगर कोई है तो वो है पुरुषवादी समाज साब आप कुछ कहकर तो दिखाओ महिलाओं को लेकर ऐसे पीछे पड़ेंगी की डिटोल हैण्डवाश बनाने बनाने वाले भी शर्मा जाएँ. पिछले दिनों सल्लू मियां का केस तो याद ही होगा.. ? जब नारियों पर...
क्या आप ऐसी दावत में शामिल होना चाहेंगे जिसका बुलावा आपको भेजा ही न गया हो? कौन चाहेगा कि जब लड्डू का स्वाद चखने के बाद पूड़ी-सब्जी का निवाला मुंह में डालने ही वाले हों, तभी आकर कोई कह दे- हुजूर! आपको तो यहां बुलाया ही न था। फिर...
पत्रकारिता के निचली सीढ़ी से लेकर ऊपरी पायदान तक बैठे लोगों से वास्ता रहा है। इन्हीं लोगों के बीच पिछले दस बारह साल गुज़रे हैं। मीडिया के नाम पर तक़रीबन रोज़ ही गाली खाने को मिलती हैं। दलाल, बिकाऊ, जाहिल, मूर्ख, संघी... मीडिया के खाते में रोज़ाना नई नई...
The Assam Assembly elections have been largely based on the hype about the Muslim vote and the fear psychosis that all Muslims in Assam will be thrown out of the country because they are migrants. But apart from just pleasing the anti-migrant or the anti-Muslim crowd, the BJP has hardly offered...
आदरणीय असदुद्दीन औवेसी विमुद्रीकरण से पूरा देश परेशान है यह कहना सही है मगर जब आप कहते हैं कि सिर्फ मुसलमान परेशान हैं तब आप भाजपा को मुद्दा दे रहे होते हैं, पूरा देश जान रहा है कि नोटबंदी का फैसला भाजपा के गले की हड्डी बन गया है। मगर...

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