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Thursday, October 19, 2017
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पाठको के लेख

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कुछ बात है की हस्ती,मिटती नहीं हमारी. सदियों रहा है दुश्मन, दौरे जहाँ हमारा.. औरंगज़ेब रोड का नाम बदल कर एपीजे अब्दुल कलाम कर देने से औरंगज़ेब के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. जिस औरंगज़ेब को आरएसएस के इतिहासकार हिन्दू विरोधी कहते हैं वे यह नहीं बताते की औरंगज़ेब...
judgement-of-qutubuddin-aibak
कुतुबुद्दीन ऐबक के बारे में बचपन में एक कहानी पढी थी. वो शिकार खेल रहा था, तीर चलाया और जब शिकार के नज़दीक गया तो देखा कि एक किशोर उसके तीर से घायल गिरा पड़ा है. कुछ ही पल में उस घायल किशोर की मौत हो जाती है. पता करने...
"फूट डालो और राज करो" की नीति के तहत अंग्रेजो ने मुस्लिमों को हिन्दुओं और सिखों से लड़वाने के लिए भारत के मुस्लिम शासकों के विरुद्ध गैर मुस्लिमों पर अत्याचार की बहुत सी भड़काऊ बातें इतिहास मे लिखवाई हैं, प्राय: ये भड़काऊ बातें तथ्यों को गलत ढंग से पेश...
(आदरणीय) उषा ठाकुर जी नमस्कार आपके नाम के आगे बहन जी या दीदी भी लगाना चाहता था लेकिन चूँकि मैं एक मुस्लिम हूँ और मुस्लिम समाज के पुरुषों से भाई का रिश्ता बनाने में आपकी बिलकुल भी रूचि नहीं है कियुंकी आपको हर मुस्लिम पुरुष में लव जेहादी नज़र आता है...
jews and brahmin
यूरोपियन लोगो को हजारो सालो से भारत के लोगो में बहोत जादा interest है. क्यूँ की यहाँ व्यवस्था है -,धर्मव्यवस्था है, वर्णव्यवस्था है, जातिव्यवस्था है , अस्पृश्यता है, रीती रिवाज है, जिसने हजारो सालो से विदेशियों की जिज्ञासा को जगाया.की ये जो खास विशेषता है भारत के लोगो की...
अमरीकी अंतरिक्ष-यात्री (astronaut) नील आर्म स्ट्रोंग पहला इंसान है जिसने चार दिनों की अंतरिक्ष यात्रा (space voyage) के बाद 20 जुलाई 1969 को चांद पर अपना क़दम रखा, और वहां पँहुच कर यह ऐतिहासिक शब्द कहा– “एक इंसान के लिए‚ यह एक छोटा क़दम है‚ मगर इंसानियत के लिए बहुत...
क्या यह हैरत और क्षोभ की बात नहीं है कि किसी भी आतंकवादी हमले के पीछे यदि किसी मुस्लिम संगठन का नाम आने की खबर अदना से अदना चेनल पर या न्यूज़ पेपर में शाया हो जाये तो आप उस पर आँख मूँद कर विश्वास कर लेते हैं ,...
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पूर्व बादशाह औरंगज़ेब , मैं यह ख़त मान कर लिख रहा हूँ कि दोज़ख़ में भी ख़तों के पहुँचने की व्यवस्था होगी । तुम्हारे गुनाहों का हिसाब वहाँ तो हो ही रहा है, यहाँ भी हो रहा है । हम चाहते हैं कि वहाँ से पहले यहाँ हिसाब हो जाए...
Republished 5 Dec 2016  23 बरस बाद बाबरी अविनाश कुमार पांडे ‘समर’ बाबरी कभी एक मस्जिद का नाम होता था, अब इस देश के सीने में पैबस्त खंजर का नाम है. वो खंजर जिसे लेकर एक पूरी पीढ़ी जवान हो गयी. वो जिसने बाबरी को बस तस्वीरों में देखा है,...
open letter to yashika datt from dilip c mandal
प्रिय याशिका दत्त, BBC के जरिए तुम्हारी कहानी सारा देश और दुनिया पढ़ रही है. तुम अब न्यूयॉर्क में हो और भारतीय जाति व्यवस्था को लेकर तुम्हारे बेहद कड़वे अनुभव हैं. इसीलिए तुमने अब तक अपनी दलित पहचान को छिपाया. तुम्हें यह जानकर खुशी होगी कि अब भारत में बहुजन लोगों...

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