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Saturday, December 16, 2017
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पाठको के लेख

why-islam-dont-give-permission-to-having-four-husband
श्रीमान कमल बी पाशा, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, केरल 7 मार्च 2016 को कोझिकोडे में एक सभा को संबोधित करते हुए आपने इस्लाम धर्म की कानून व्यवस्था पर इल्जाम लगाते हुए ये कहा कि इस्लाम धर्म में महिलाओं और पुरुषों में भेदभाव किया जाता हैं एवं महिलाओं को उनके अधिकार नहीं दिये...
अफजल गुरु जेएनयू में आतंकवादी है, लेकिन भाजपा पीडीपी के साथ सरकार भी बना सकती है जो अफजल गुरु को 'शहीद' कहकर महिमामंडित करती है. संघ-भाजपा को यह पता है कि वे पूरी तरह फेल हैं और उनके लिए एकमात्र आशा उनके वे तूफानी घुड़सवार हैं जो किसी को...
nazia ilahi khan
अधिवका नाज़िया इलाही खान 'महिलाओं का दिन' सुन कर बड़ा अजीब लगता है। क्या हर दिन केवल पुरुषों का है, महिलाओं को नहीं ? परुष बहुल समाज में महिलाओं का एक दिन निश्चित कर के संभवतया यह बताने की चेष्टा की गई है की प्रकृति की यह रचना अभी पूरी...
कार्ल मार्क्स ने कहा था कि इतिहास खुद को दोहराता है, पहले त्रासदी और फिर प्रहसन के रूप में। भारतीय राजनीति की त्रासद सच्चाई यह है कि यहां इतिहास बार-बार दोहराया जा रहा है। हममें से शायद अब बहुत लोगों को अन्ना हजारे का पूरा नाम याद नहीं होगा। शायद...
How Kanhaiya fade out the PM’s speech
Who is Kanhaiya? Is he simply a student leader?, Is he only the JNUSU president? or he is really an anti-nationalist as per declared by some journalist and so called many nationalist leaders and supporters of BJP. But according to my thinking, in the recent past he has emerged...
इस वुमेंस डे पर केरल पर 100 साल पुरानी एक वुमेन हीरो को याद किया जा रहा है। नांगेली नाम की इस हीरो ने 'ब्रेस्ट टैक्स' के बर्बर कानून के खिलाफ आवाज उठाई थी। इतना ही नहीं इन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इसके खिलाफ लड़ने में लगा दी थी। बता...
दिल्ली पुलिस और मीडिया द्वारा आतंकवादी बनाये गये अब्दुल करीम टुंडा को पटियाला कोर्ट 1998 के बम विस्फोट के आरोपों से बरी कर दिया है। सिस्टम को मीडिया की संघी जहनियत को टुंडा ने झेला है टुंडा पर पेशी के दौरान हिंदु चरमपंथियों की तरफ से वैसा ही हमला...
'भक्त' और 'अभक्त' में देश विभक्त है! और तप्त है! इक्कीस महीनों से इक्कीसवीं सदी के इस महाभारत का चक्रव्यूह रचा जा रहा था। अब जा कर युद्ध का बिगुल बजा। लेकिन चक्रव्यूह में इस बार अभिमन्यु नहीं, कन्हैया है। तब दरवाजे सात थे, इस बार कितने हैं, कोई...
शाहिद आज़मी , अब्दुल करीम टुंडा , इकबाल , मोहम्मद सलीम , मुफ्ती अब्दुल कयूम , मदनी , का नाम आपने तब सुना होगा जब ये लोग आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार हुए रहे होंगे , भारत के सभी समाचार पत्र तथा भाँड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया...
ये बात मेरे नास्तिक होने के कई साल पहले की है. मेरे एक रिश्तेदार के घर हर दूसरे हफ्ते कोई न कोई पूजा होती थी और अक्सर उसका प्रसाद होता था दूध-दही-घी-शहद-शक्कर से बना पंचामृत. इससे मुझे बहुत उबकाई आती थी और आज भी आती है. जब भी मुझे वहां...

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