9 C
New Delhi,India
Thursday, January 19, 2017
Home पाठको के लेख

पाठको के लेख

‘मीडिया को हमेशा विपक्ष होना चाहिये’ महज एक लाईन में पत्रकारिता की दिशा निर्धारित कर देने वाले गणेश शंकर विद्यार्थी अगर आज होते तो अपनी ही लाईन पर या तो अफसोस जता रहे होते या फिर उसी पर कायम रहकर देशद्रोही, देशविरोधी, जैसे जुमले सुन रहे होते। मीडिया ने...
वह चालीस के दशक का दूसरा साल था जब यूरोप से शुरू हुए महायुद्ध की आग सोवियत रूस तक आ पहुंची थी। यह एक बेहद ठंडे मौसम का दौर था जिसकी हवाओं में बारूद की अजीब तीखी गंध घुल चुकी थी। अब लोग खुली हवाओं में सांस लेना भूल...
कहा जाता है कि सूचना और ज्ञान में अन्तर होता है। अकसर सूचनाप्रद व्यक्ति स्वंय को ज्ञानी समझने की भूल कर लेता है, उसी प्रकार नोटबंदी में जिन लोगों में देसी काले धन को सफ़ेद करने में मदद की है, असल में उन्होंने देश का नुक़सान किया है। नोटबंदी...
भारत में सन् सात सौ ग्यारह ईसवी (711 CE) में मुसलमानों का आगमन हुआ था . इसी साल वे स्पेन में भी दाखिल हुए थे. मुसलमानों का भारत में दाखिल होने का कारण था, समुद्री लूटेरों द्वारा मुसलमानों के नागरिक जहाज़ (पानी के जहाज़) को बंधक बनाना, जो कि...
देश अभी नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये पचास दिनों का इंतजार कर रहा है जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर पचास दिन के बाद नोटबंदी से कोई समस्या आये तो उन्हें किसी चौराहे पर जिंदा जला देना। वह अपने वादे पर काबिज रहेंगे या नहीं यह...
इस समय विश्व भर मैं मुस्लमान चिंता और पीड़ा की एक अजीब सी स्थिति से जूझ रहे हैं, क्योंकि उनकी नज़रों के सामने निर्दोष मुसलमानों के खून की नदियां बह रही हैं, उन्हें मूली और गाजर की तरह काटा जा रहा है। कहीं उनके मकानों को बम्बारी द्वारा गिराया...
सन् 1939 की बात है। रचनात्मक कामों के बारे में चिंतन करते हुए एक दिन मैंने सोचा कि मैं भारत में रहता हूं। खुद को भारतीय कहलाता हूं तब हिंदू धर्म के ग्रंथों का जिस तरह मैंने अध्ययन किया है, वैसे एक हजार बरस से यहां रहने वाले मेरे...
देश के समर्पित स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर शिक्षाविद, अग्रणी समाज सेवक, लेखक और बिहार की विभूतियों में एक मौलाना मज़हरुल हक़ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे योद्धाओं में रहे हैं जिन्हें उनके स्मरणीय योगदान के बावज़ूद इतिहास और देश ने लगभग भुला दिया। सन 1866 में पटना जिले के बिहटा...
करीना और सैफ़ द्वारा अपने बच्चे का नाम तैमूर रखने के बाद सोशल मीडिया पर इस नाम के समर्थकों और विरोधियों में अनावश्यक जंग छिड़ा हुआ है। तैमूर का मतलब फ़ौलाद होता है और इस लिहाज़ से यह बुरा नाम नहीं है। लेकिन विवाद के पीछे भारत के साथ...
क्या आप ऐसी दावत में शामिल होना चाहेंगे जिसका बुलावा आपको भेजा ही न गया हो? कौन चाहेगा कि जब लड्डू का स्वाद चखने के बाद पूड़ी-सब्जी का निवाला मुंह में डालने ही वाले हों, तभी आकर कोई कह दे- हुजूर! आपको तो यहां बुलाया ही न था। फिर...

फेसबुक पर लाइक करें

ताज़ा समाचार

सप्ताह की प्रमुख खबरें

loading...
error: Contents of Kohraam.com are copyright protected.