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Thursday, August 17, 2017
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पाठको के लेख

ख़ालिद अयूब मिस्बाही यह देख कर बड़ा दुख होता है कि ज़ाहिर में हिन्दुस्तान को आज़ादी की फ़ज़ा में साँस लेते हुए आज 70 साल पूरे हो चुके हैं लेकिन देश की जनता को आज तक वह अस्ल आज़ादी नहीं मिल सकी, जिसके लिए हमारे पुर्खों ने अपने प्यारे देश...
क्या तुममें हिम्मत है अभिसार शर्मा? तुम तो राष्ट्रवादी भी नहीं, मगर तुम्हारी बिरादरी के एक फर्जी राष्ट्रवादी ने कल प्राइम टाइम टीवी पर दहाड़ते हुए कहा, और गौर कीजिये “हम वन्दे मातरम पर चर्चा कर रहे हैं और आप बेवजह गोरखपुर में मरे 60 बच्चों की बात कर रहे...
नोटबंदी श्रीदेवी की फिल्म नाकाबंदी की तरह फ्लाप हो गई है। सारे संकेत यही बता रहे हैं मगर कोई कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। रिज़र्व बैंक के पास कितने नोट लौट कर आए, अभी तक हार्डवर्क वाले बता नहीं पा रहे हैं। यह जानना इसलिए ज़रूरी...
कोर्स नाम - दंगाई पत्रकार समयांतराल - जब तक चमचागिरी से खुश होने वाले बॉस ऑफिस में मौजूद है क्वालिफिकेशन - हर खबर को देशभक्ति और देशद्रोही लिंक जोड़ना मिनिमम रिकुअयरमेंट- दलित/अल्पसंख्यकों को देखने के लिए एक ख़ास चश्मा इंट्रोडक्शन- आजकल इस कोर्स की काफी डिमांड है आप घर...
किसी के पास पैसे हैं, मुझे सिर्फ शशि थरुर का पीछा करने के लिए चैनल खोलना है। नाम होगा थरूर का पीछा। इसके संपादक का नाम होगा, थरूर इन चीफ़। राजनीतिक संपादक का नाम होगा चीफ़ थरूर चेज़र। ब्यूरो चीफ का नाम होगा ग्राउंड थरूर चेज़र। रिपोर्टर का नाम...
यूपी के शिक्षामित्रों सुनिये मेरी भी बात- सुबह से यूपी के शिक्षा मित्रों ने मेरे फोन पर धावा बोल दिया है। मेरा एक तरीका है। जब अभियान चलाकर दबाव बनाने की कोशिश होती है तो मैं दो तीन महीने रूक जाता हूँ। स्टोरी नहीं करता। मैं समझता हूं आपकी पीड़ा...
मैं पत्रकार हूँ। अख़बार नहीं हूँ कि भारत की सारी ख़बरों को अपने देह पर छाप आपके घर आ जाऊँगा। सारी ख़बरों को करने और उन पर लिखने लगा तो मैं तीन चार सौ साल बाद भी घर न लौट सकूँ। जब बैंक, टेलीकाम सेक्टर पर लिखता हूँ या...
मेरा ताल्लुक जमाने की उस पीढ़ी से है जिसने शायद सबसे ज्यादा आतंकवाद शब्द को पढ़ा है और करीब से देखा भी है। मुझे याद है, जब अमरीका पर 9/11 का आतंकी हमला हुआ था तो उसकी खबर मैंने रेडियो पर सुनी थी। अगले दिन सभी अखबार आग की...
मार्क जुकरबर्ग जी, चेयरमैन तथा सीईओ, फेसबुक। विषय- फेसबुक इंडिया के एक पक्षीय रवैये के सन्दर्भ में। आदरणीय सर, भारत के प्रसिद्ध शायर अकबर इलाहाबादी कहते हैं- "खींचो न कमानों को न तलवार निकालो, जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो !" सर, दरअसल अकबर इलाहाबादी का इशारा बेबाक़ आवाज को बुलंद करने की तरफ है। एक तरफ हुकूमत अगर बंदूक लेकर खड़ी हो, तोप लेकर खड़ी हो...
बिहार ने एक बार फिर देश की राजनीति में बवंडर ला दिया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आखिरकार अपनी “अंतरात्मा की आवाज़” पर इस्तीफ़ा दे दिया और इसे के साथ ही मोदी और भाजपा के खिलाफ सबसे बड़ा और सफल बताया गया महागठबंधन खत्म हो गया है,...

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