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Sunday, December 17, 2017
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साहित्य पन्ना

saeem zahoor
यूं तो पाकिस्तान से लेकर हिन्दुस्तान तक सूफी म्यूजिक की धूम है एआर रहमान की शायद ही ऐसी कोई फिल्म हो जिसमे सूफी कलाम का टच ना हो. यह वो संगीत है जो दिल को छूता है और अन्दर तक पैठ बनता चला जाता है. अगर सूफी संगीत के...
सौ साला गिरोह  - भाग 1 तो ककहरा-ए-कहानी कुछ यूं बावस्ता हुई कि मुगल निथर गये थे और अंग्रेज छक गये थे और रुकते तो अंगरेजियत की नसल संकर होने का खतरा फजां में रवां-दवां था यूं कि जब तक अंग्रेज नसल सुधार रहे थे तब तक कोई गिला न...
पैग़म्बर मोहम्मद(PBUH) ने ड्राफ्ट किया था दुनिया का पहला संविधान सन 622 में मदीना में आने के बाद इस्लाम के आख़िरी पैग़म्बर मोहम्मद (PBUH) ने दुनिया का पहला संविधान ड्राफ्ट किया.इस संविधान की प्रस्तावना में अलग अलग जातियों से मिल कर बने पूरे देश में एकता की भावना को आगे...
Vivekananda was a fan of the core values of Islam
ग़ुलाम रसूल देहलवी स्वामी विवेकानंद उन बड़े भारतीय आध्यात्मिक गुरुओं में से एक हैं जो समाज सेवा, ईश्वर की एकता, वैश्विक भाईचारे और धार्मिक सद्भाव के समर्थक रहे। धार्मिक पूर्वाग्रह के वह सख्त विरोधी थे। उनका मानना था कि भगवान तक पहुंचने के रास्ते तंग, अवरुद्ध, बंद या किसी एक...
किसने बेचा उत्तराखंड ? कौन थे दलाल ? गुप्ता, अग्रवाल ? मुसलिये, कलाल ? जोशी,रतूड़ी, पाठक, पांड़े, नेगी,रावत, तिवारी, नौटियाल ...... किसने हमारे सर बिठाए ये चढ्ढा,ये अंबानी,ये मित्तल-जिंदल..मालामाल ? किस किस का नाम लूं मैं ? हर तीसरा तो जमीन का दलाल ! जब ये दलाल ही- बात करने लगें उत्तराखंड की ठेठ ! तो समझ लो यूं हीं नहीं...
There are people like questions
  लोग मिलते हैं सवालों की तरह जैसे बिन चाबी के तालों की तरह भूख में लम्हात को खाया गया सख्त रोटी के निवालों की तरह घर अगर घर ही रहें तो ठीक है क्यों बनाते हो शिवालों की तरह दीप सा किरदार तो पैदा करो लोग चाहेंगे उजालों की तरह ख़ुद को तुम इन्सान तो साबित करो याद...
बुल्ले शाह बाबा ने अपने पीर से कहा " मुझे ख़ुदा से मिला दो " पीर शाह इनायत से जवाब दिया " पहले खुद को भुला दो " पीर इनायत जाति से अराईं थे तो जन्म से सैय्यद बुल्ले शाह बाबा के परिवार को भला ये कैसे स्वीकार हो जाता...
they were muslims
कहते हैं वे विपत्ति की तरह आए कहते हैं वे प्रदूषण की तरह फैले वे व्याधि थे ब्राह्मण कहते थे वे मलेच्छ थे वे मुसलमान थे उन्होंने अपने घोड़े सिन्धु में उतारे और पुकारते रहे हिन्दू! हिन्दू!! हिन्दू!!! बड़ी जाति को उन्होंने बड़ा नाम दिया नदी का नाम दिया वे हर गहरी और अविरल नदी को पार करना चाहते...

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