ज़ाकिर मूसा जैसे लोग पाकिस्तानी प्यादे हैं और वह समाज के बीच वैमनस्य पैदा करना चाहते हैं जिसका रास्ता आख़िरकार आतंकवाद की तरफ़ जाता है। यह बात भारत के सबसे बड़े संगठन मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया यानी एमएसओके राष्ट्रीय महासचिव शुजात अली क़ादरी ने कही। वह ज़ाकिर मूसा की हाल ही में जारी उस ऑडियो टेप पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें हिज़्बुल मुजाहिदीन और अलक़ायदा के आतंकवादी ज़ाकिर मूसा ने भारतीय मुसलमानों को बेशर्म बताते हुए आतंकवाद में उसका साथ दिए जाने की अपील की थी।

नई दिल्ली एमएसओ प्रधान कार्यालय से जारी प्रेस रिलीज़ में शुजात ने कहाकि ज़ाकिर मूसा जैसे लोग भूल जाते हैं कि भारत के मुस्लिम ना सिर्फ़ देश प्रेमी बल्कि सद्भाव में विश्वास रखने वाले भी हैं। उन्होंने कहाकि ज़ाकिर मूसा जैसे लोग इस्लाम ना सिखाएँ बल्कि उसे देखना चाहिए कि भारत में मुसलमान हर समाज के साथ मिलकर कैसे सद्भावना के साथ रह रहा है।‘भारत में पाकिस्तान से अधिक मुस्लिम जनसंख्या है और भारत में सूफ़ी इस्लाम पूरी दुनिया के लिए प्रेम एवं एकता की मिसाल है।’ शुजात ने कहा।

उन्होंने कहा ‘आप देखिए हर समाज के लोग कैसे अपनी मुरादें लेकर अजमेर में ख़्वाजा साहिब की दरगाह पर आते हैं। यह सूफ़ीवाद हमें पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सअव) और मौला अली (रदि.) से लेकर सूफ़ी सन्तों से मिला है। हम क़ादरी, चिश्ती, नक्शबंदी, रिज़वी या बरकाती लिखकर अपने सूफ़ी इस्लाम का परिचय देते हैं जबकि ज़ाकिर मूसा जैसे लोग वहाबी आतंकवादी एजेंडे से परिचालित हैं। इंशाअल्लाह हम इनके इरादों को मटियामेट कर देंगे।’

उन्होंने युवाओं अपील की कि वह ज़ाकिर मूसा जैसे लोगों के झांसे में आने से बचें और शांति बनाए रखें। ‘विकासवादी और देशप्रेमी होना भी इस्लामी होना है। इस्लाम वह नहीं जो ज़ाकिर मूसा बता रहा है।’ शुजात ने कहा।


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