कांग्रेस ने अरूण जेटली को सलाह दी है कि ‘नारद मुनि मत बनिए बल्कि वित्त मंत्री बनिए।’ कांग्रेस की टिप्पणी जेटली के इस बयान पर आई है कि संसद में गतिरोध के लिए कांग्रेस पार्टी नहीं बल्कि कांग्रेस नेतृत्व जिम्मेदार है।

कांग्रेस ने अरूण जेटली को सलाह दी है कि ‘नारद मुनि मत बनिए बल्कि वित्त मंत्री बनिए।’ कांग्रेस की टिप्पणी जेटली के इस बयान पर आई है कि संसद में गतिरोध के लिए कांग्रेस पार्टी नहीं बल्कि कांग्रेस नेतृत्व जिम्मेदार है। वित्त मंत्री पर कांग्रेस और इसके नेतृत्व के बीच दरार पैदा करने के प्रयास का आरोप लगाते हुए पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जेटली ने ‘आर्थिक स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण खो दिया है।’

एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘वित्त मंत्री होने के बजाए जेटली नारद मुनि हो गए हैं। उन्हें नारद मुनी बनना बंद करना चाहिए और वित्त मंत्री बनना चाहिए।’ मान्यताओं के मुताबिक नारद मुनि पूरी दुनिया में भ्रमण करते थे और एक जगह की कहानी दूसरी जगह ले जाते थे जिससे तनाव पैदा होता था। रमेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और इसके नेतृत्व के बीच कोई मतभेद नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘वित्त मंत्री भ्रम पैदा कर रहे हैं कि कांग्रेस नेतृत्व और कांग्रेस दोनों अलग..अलग हैं।’ उन्होंने दावा किया कि डीडीसीए घोटाले में गंभीर आरोपों का सामना करने के बाद वित्त मंत्री ‘व्यग्र और बेचैन’ हैं। उन्होंने आरोप लगाए, ‘प्रधानमंत्री बेशर्मी से व्यक्तिगत जनसंपर्क अभियान में लगे हैं और वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था संभाल नहीं पा रहे हैं।’ रमेश का बयान जेटली और कुछ अन्य मंत्रियों द्वारा दो दिन पहले एक अखबार के पुरस्कार समारोह में संसदीय गतिरोध के लिए कांग्रेस के ‘प्रथम परिवार’ पर हमले के बाद आया है।

जेटली ने संकेत दिए थे कि महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए ‘वैकल्पिक मार्ग’ को अपनाया जाएगा। रमेश ने कहा, ‘विकास नहीं हो रहा है, निर्यात कम हो गया है, महंगाई बढ़ गई है, निवेश नीचे आ गया है, औद्योगिक उत्पादन बहुत नीचे चला गया है और कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड कमी के बावजूद ऐसा हो रहा है।’ साभार: जनसत्ता


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