कई महीनों तक चली लम्बी बातचीत के बाद रूसी और अमरीकी राजनयिकों ने सीरिया में जो युद्ध-विराम लागू करवाया था, वह, बस,  कुछ ही दिन तक खिंच पाया।

19 सितम्बर को सँयुक्त राष्ट्र संघ का जो राहत-दल आतंकवादियों के कब्ज़े में फँसे अलेप्पो नगर के निवासियों के लिए राहत-सामग्री लेकर अलेप्पो जा रहा था, उस पर हमला कर दिया गया। इस हमले में सँयुक्त राष्ट्र संघ के कर्मचारियों सहित कुल 12 व्यक्ति मारे गए।

इससे दो-तीन दिन पहले ही अमरीकी वायुसेना के विमानों ने दैर-अज़-ज़ोर में ग़लती से सीरिया की सरकारी सेना पर हमला कर दिया था। इस हमले में सीरिया के 62 सैनिक मारे गए थे और 100 से ज़्यादा सैनिक घायल हुए थे।

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एक-दूसरे पर आरोप

दैर-अज़-ज़ोर में घटी घटना पर टिप्पणी करते हुए रूस के विदेश मन्त्रालय की प्रवक्ता मरीया ज़ख़ारवा ने कहा — सीरियाई सेना पर किए गए हमले के बाद हम सारी दुनिया के लिए वास्तव में भयानक इस फ़ैसले पर पहुँचे हैं कि अमरीकी सरकार सचमुच आतंकवादी गिरोह ’इस्लामी राज्य’ (इरा) की ही सुरक्षा कर रही है। रूस की सरकार ने अमरीका की इस सफ़ाई पर विश्वास करने से मना कर दिया कि अमरीकी वायुसेना ने आतंकवादियों के धोखे में सीरिया की सरकारी सेना के दस्तों पर बमबारी कर दी थी।

सोमवार, 19 सितम्बर की शाम को अमरीका ने रूस पर सैन्य-अपराध करने का जवाबी आरोप लगाया। अमरीका के विदेश मन्त्रालय ने सीरिया में सँयुक्त राष्ट्र संघ के राहत-दल पर किए गए हमले के लिए रूस और सीरिया की सरकार को दोषी ठहराया। लेकिन यह आरोप लगाते हुए अमरीका ने अपने आरोपों के पक्ष में कोई सबूत देने की ज़रूरत तक नहीं समझी।

जैसाकि अमरीकी विदेश मन्त्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा — अमरीका इस घटना से बेहद ख़फ़ा है।

उन्होंने कहा — असद की सरकार और रूस को यह मालूम था कि सँयुक्त राष्ट्र संघ का राहत-दल किस रास्ते से जाएगा। राहत-दल के सदस्य सीरियाई जनता की सहायता करने के लिए वहाँ गए थे, और अपनी इस कोशिश के बदले उन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

उन्होंने कहा — अब, इस घटना के बाद अमरीका रूस के साथ अपने रिश्तों पर फिर से विचार करेगा।

रूस के रक्षा मन्त्रालय ने सँयुक्त राष्ट्र संघ के इस राहत-दल पर हुए हमले में अपनी वायुसेना का हाथ होने से इंकार किया है। रूसी चालकरहित विमानों द्वारा आकाश से ली गई टोह में यह बात सामने आई है कि सोमवार को उस इलाके में, जहाँ से सँयुक्त राष्ट्र संघ के राहत-दल को गुज़रना था, ’जेभट-अन-नुसरा’ के आतंकवादियों ने अलेप्पो पर भयानक हमला किया था।

रूसी रक्षा मन्त्रालय के प्रवक्ता मेज़र-जनरल ईगर कनाशिन्कफ़ ने कहा — हमने उस दिन उस इलाके में आसमान से बनाई गई विडियो फ़िल्मों का बड़े ध्यान से अध्ययन किया है। हमें राहत-दल पर किसी भी तरह की बमबारी किए जाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं… राहत-दल के साथ घटी घटना का जो विडियो सामने आया है, उसमें राहत-दल के कारवाँ की गाड़ियों में आग लगी हुई दिखाई दे रही है। सबसे ज़्यादा आश्चर्य की बात तो यह है कि राहत-दल की सभी गाड़ियों में एक साथ एक ही समय में आग कैसे लग गई और फिर उसी समय आतंकवादियों ने अलेप्पो पर हमला क्यों कर दिया?


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