नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को कथित तौर पर रिहा करने के मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि हत्यारों को छोड़ने का फैसला सरकार का है। उन्होंने कहा कि सरकार ही इस पर कोई फैसला ले, वे कुछ नहीं कहेंगे।

गौरतलब है कि तमिलनाडू की जयललिता सरकार ने राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने के लिए गृह मंत्रालय को चिट्टी लिखी है। इस चिट्ठी में जिक्र किया गया है कि राजीव गांधी के हत्यारों ने 24 साल से ज्यादा की सजा काट ली है, ऐसे में उन्हें जेल से रिहा कर देना चाहिए। 
rajeev gandhi
इससे पहले जयललिता ने केंद्र सरकार से लोकसभा चुनाव के दौरान राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने की इजाजत मांगी थी। 
हाल ही में अपने पिता की मौत के बाद पेरोल पर 12 घंटे के लिए बहार आई हत्या की दोषी नलिनी ने सरकार से गुहार लगाई थी कि उन सभी ने 24 साल की सजा काट ली है। अब उनकी रिहाई होनी चाहिए।
राज्य सरकार ने राजीव गांधी हत्याकांड में मौत की सजा से राहत पाने वाले सभी दोषियों संथन, मुरुगन, पेरारीवलन और उम्रकैद की सजा काट रहे नलिनी श्रीहरन, रॉबर्ट पायस, रविचंद्रन और जयकुमार को रिहा करने का आदेश दिया था।
लेकिन, इसके खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि मामले की जांच सीबीआई ने की थी। इस मामले में केंद्रीय कानून के तहत सजा सुनाई गई। ऐसे में रिहा करने का अधिकार केंद्र का है। सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता सरकार के फैसले पर रोक लगाकर मामले को 5 जजों की संविधान पीठ को भेज दिया था। (राजस्थान पत्रिका)

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