गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने सनसनीखेज निठारी हत्याकांड में दोनों दोषियों को मौत की सज़ा सुनाई है. 20 वर्षीया युवती के अपहरण, हत्या और दुष्कर्म के मामले में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है.

सीबीआई जज पवन कुमार तिवारी की कोर्ट ने प्रॉसिक्यूटर के वकील जेपी शर्मा की दलीलों पर ये फैसला सुनाया. शर्मा ने कोर्ट से कहा था कि साइंट‍िफिक कि फैक्ट्स से ये साबित हो चुका है कि कोली ने युवती काे क‍िडनैप क‍िया. उसके साथ रेप क‍िया और फिर उसकी हत्या कर दी. उसने सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी की.

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घटना 5 अक्टूबर, 2006 की है, जब पीड़िता अपने कार्यालय से घर लौट रही थी और निठारी में पंढेर के घर के सामने से गुजर रही थी. कोली ने महिला की हत्या कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया और खोपड़ी घर के पिछले हिस्से में फेंक दी, जिसे सीबीआई ने बाद में बरामद किया. हालांकि खोपड़ी का डीएनए पीड़िता के माता-पिता के डीएनएस से मैच कर गया.

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यह बेहद खौफनाक मामला उस वक्त सामने आया था जब पुलिस ने नोएडा के निठारी में स्थित पंढेर के घर के पास से 16 लोगों की खोपड़ियां और हड्डियां बरामद कीं, जिनमें से अधिकांश बच्चों की थीं. मामले के प्रकाश में आने से पहले निठारी की झुग्गियों से कई बच्चे गायब हो चुके थे.

दरअसल कोली बच्चों को चॉकलेट, मिठाई वगैरह का लालज देकर फुसलाकर घर बुलाटा और उनकी हत्या कर उनके शवों के साथ दुष्कर्म करता था.

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