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नई दिल्ली | हमारे देश में मीडिया कितना निष्पक्ष यह तो पूरा देश जानता है. लोग उंगलियों पर बता सकते है की कौन सा चैनल किस पार्टी को सपोर्ट करता है, हमेशा किसके पक्षे में खबरे चलाता है. लेकिन इन सबके बावजूद एक न्यूज़ चैनल ऐसा है जिस पर मसालेदार खबरे मिलने की बजाय तार्किक खबर चलती है. यह चैनल ज्यादातर मामलो में अपनी निष्पक्ष राय रखता है.

आप समझ ही गए होंगे की किस न्यूज़ चैनल की बात हो रही हूँ. जी हाँ , हम NDTV की बात कर रहे है. इस न्यूज़ चैनल पर आते हुए सभी राजनितिक दलों के प्रतिनिधि घबराते है क्योकि इस चैनल पर काम करने वाले एंकर निष्पक्ष होकर सवाल पूछते है. लेकिन यही निष्पक्षता अब NDTV के लिए श्राप साबित हो सकती है. क्योकि यह चैनल केंद्र सरकार या विपक्ष के कहने पर नही चलता इसलिए इस चैनल पर केंद्र सरकार बैन लगा सकती है.

मिली जानकारी के अनुसार प्रसारण मंत्रालय की एक आंतरिक समिति ने NDTV को एक दिन बैन करने की सिफारिश की है. समिति ने इसका कारण बताया की पठानकोट हमले के दौरान NDTV की कवरेज ,मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गलत थी. इसको देखते हुए समिति ने NDTV पर एक या दो दिन के लिए बैन लगाने की सिफारिश की है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार NDTV को 9 नवम्बर को , एक दिन के लिए ऑफ एयर होने का आदेश दे सकती है. जैसे ही यह खबर मीडिया में आई , केजरीवाल ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर तंज कसा. केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा की सुन लो चैनल वालो. जो न्यूज़ चैनल मोदी की आरती नही उतरेगा उसको ऐसे ही बैन कर दिया जाएगा.

आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने भी मोदी पर निशाना साधते हुए कहा की गोयनका अवार्ड्स देते हुए मोदी ने आपातकाल का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था की आपातकाल जैसे दौर वापिस नही लौटना चाहिए , और आते ही NDTV को बंद करने का आदेश दे दिया, पाखंडी.


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